आगरा। थाना जगदीशपुरा में ऑल इंडिया बैंक ऑफ इंडिया एससी-एसटी,ओबीसी इंप्लाइज यूनियन यूपी, यूके के जनरल सेक्रेटरी कमलेश मीना ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने एसोसिएशन के नाम पर फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया है।
जनरल सेक्रेटरी का आरोप है कि संस्था के पूर्व महासचिव ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी वीरेंद्र सिंह ने टैक्सी बिल के नाम पर फर्जीवाड़ा किया था। जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें निष्कासित किया गया। इसके बाद उन्होंने रमेश मून, हरिराज सिंह, वीरेंद्र प्रसाद वर्मा और 20 अन्य के साथ मिलकर संस्था के नाम से ऑल इंडिया बैंक ऑफ इंडिया शिड्यूल्ड कास्ट्स और शिड्यूल्ड ट्राइब्स एंड अदर बैंक वर्ड क्लास इंप्लाइज एसोसिएशन का पंजीकरण करवाया। संस्था का कार्यालय ट्रांस यमुना के दीपसदन में दर्शाया और सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर बैठकें होना दर्शाया।
उनका कहना है कि जबकि बैठक में उपस्थित सदस्य बैठकों के दिन आगरा में नहीं थे। सभी ने इस बात के शपथ पत्र दिए हैं। ग्रेटर नोएडा में संस्था का खाता खोलकर सदस्यता शुल्क जमा करवाया और घन का दुरुपयोग किया। जगदीशपुरा थाना प्रभारी का कहना है कि डीसीपी सिटी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। संवाद