सोमवार को शैलेंद्र बघेल उर्फ शैलू, उमेश, भीकम सिंह और शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। शिव कुमार विश्वविद्यालय का पूर्व कर्मचारी है। वह पूर्व में आटो चलाता था। वह नौकरी छोड़ने के बाद राहुल पाराशर के साथ काम करने लगा। बाद में वो एमबीबीएस की कापी बदलवाने और नंबर बढ़वाने का काम करने लगा।
फेल छात्रों से करते थे संपर्क
भीकम सिंह छलेसर स्थित एजेंसी और उमेश विश्वविद्यालय के मूल्यांकन केंद्र के कर्मचारी हैं। वह कॉपियां बदलवाते थे। शैलेंद्र छलेसर कैंपस स्थित फार्मेसी कॉलेज में तैनात है। वह खाली कॉपी उपलब्ध कराता था। इस सब के लिए कर्मचारियों को रकम मिलती थी। फेल छात्रों से संपर्क करने के लिए दलाल लगाए जाते थे। राहुल और शिव कुमार पास कराने का ठेका लेते थे। हर विषय में पास कराने की रकम तय होती थी।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- शैलेंद्र बघेल उर्फ शैलू निवासी जयरामबाग कॉलोनी, दयालबाग।
- उमेश निवासी शारदा विहार, बोदला।
- भीकम सिंह निवासी छलेसर
- शिवकुमार दिवाकर निवासी थाना पचोखरा, फिरोजाबाद।
अब तक आठ की गिरफ्तारी हुई
कॉपियां बदलने का मामला 27 अगस्त को सामने आया था। इस मामले में थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज हुआ। टेंपो चालक देवेंद्र को जेल भेजा गया। बाद में दिल्ली से डॉ.अतुल पकड़ा गया। कॉपियां बदलने के मामले में एक और मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें 14 छात्रों की कॉपियां बदलने का मामला था।
इसके बाद कॉपियां लिखने वाले पुनीत और दलाल दुर्गेश पकड़े गए। जांच में एमबीबीएस के छात्रों की कॉपियां बदलने का मामला भी सामने आया। इस पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया। एसआईटी भी सभी मामलों की जांच में लगी है। बाद में मुख्य आरोपी छात्र नेता राहुल पाराशर कोर्ट में समर्पण करके जेल गया था। अब चार और आरोपी गिरफ्तार किए गए। नौ आरोपी जेल में हैं।
जांच में फंसेंगे कॉपियां बदलवाने वाले छात्र
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी शिव कुमार ने एमबीबीएस की कई कापियां बदलवाई हैं। जिन छात्रों की कापियां बदली हैं, पुलिस उनकी सूची तैयार करवा रही है। इसके बाद विवेचना में शामिल किया जाएगा। इससे पास होने वाले छात्र भी जांच के घेर में आएंगे।
उधर, राहुल पाराशर ने पूछताछ में तीन कालेज के नाम और लिए हैं, जिनकी कापियां बदली जाती थीं। इस खेल में कई और लोग शामिल हो सकते हैं। सभी की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा माफियाओं की श्रेणी में नाम रखा जाएगा। उनकी संपत्ति की जांच होगी। अवैध धन से अर्जित संपत्ति का जब्तीकरण किया जाएगा।