नगर निगम के मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता ने बताया कि टेंडर उठाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। यह मई तक पूरी हो जाएगी। हर मार्ग के लिए अलग बजट है। ग्रीन रोड विकसित करने का मकसद पैदल जाने वालों को सुविधा उपलब्ध कराना है। वह फुटपाथ पर आराम से निकल सकेंगे। कई बार बिजली-पानी की लाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा जाता है। ग्रीन रोड पर पहले से डक्ट बना दी जाएगी। टाइल्स को हटाकर लाइन बिछाई जा सकेगी।
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इन मार्ग को किया चिह्नित
1. टेढ़ी बगिया से शाहदरा तक कालिंदी विहार- 61.34 करोड़ बजट
2. हरीपर्वत से दिल्ली गेट, मदिया कटरा तक - 25.7 करोड़ बजट
3. इंद्रापुरम-अमर होटल-राजपुर चुंगी मार्ग - 74 करोड़ बजट
4. सुभाष पार्क से मारुति एस्टेट रोड - 64.7 करोड़ बजट
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अतिक्रमण हटाना मुश्किल काम
चिह्नित किए गए मार्गों पर अतिक्रमण है। हरीपर्वत से मदिया कटरा मार्ग पर बड़ी संख्या में दुकानों के बाहर सामान रखा रहता है। ठेलें भी खड़ी होती हैं। अस्पताल और लैब संचालकों ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। यही हाल कालिंदी विहार का भी है। रोड के दोनों तरफ ठेलें और खोखे वालों ने कब्जे कर रखे हैं। राजपुर चुंगी और इंद्रापुरम मार्ग पर भी अतिक्रमण है। लोगों ने आवास विकास में विकसित किए फुटपाथ पर ही कब्जा कर लिया है। इसे निगम का प्रवर्तन दल भी नहीं हटा पा रहा है। इन मार्गों से अतिक्रमण हटाना बड़ी समस्या होगी।