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एटा में बड़ा हादसा: काली नदी में एक ही परिवार के चार लोग डूबे, पिता-पुत्र की मौत, किशोर को सुरक्षित बचाया

Thu, 14 Oct 2021 02:04 PM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

एटा जिले में गुरुवार को बड़ी घटना घटित हो गई। मिरहची कस्बा के पर्यटन स्थल अतरंजीखेड़ा पर बनी मजार पर जात के लिए आए लोग काली नदी किनारे गए थे। यहां नौ वर्षीय बालक काली नदी में डूबने लगा, जिसे बचाने के लिए तीन अन्य लोग नदी के पानी में उतरे। इस घटना में पिता-पुत्र की मौत हो गई।
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कासगंज: काली नदी में व्यक्ति की तलाश करते गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा के थाना मिरहची क्षेत्र के अतरंजीखेड़ा स्थित पीर बाबा की मजार पर गुरुवार को चादर चढ़ाने आए आगरा के एक परिवार के चार लोग काली नदी में डूब गए। इनमें से पिता-पुत्र की मौत हो गई, इनके शवों को निकाल लिया गया। एक किशोर को सुरक्षित बचा लिया गया। एक अन्य युवक का पता नहीं चल सका है। 

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आगरा के थाना एत्मादौला क्षेत्र के मोहल्ला नुनहाई निवासी यूनुस (35) और इनके 10 वर्षीय पुत्र फैजान की डूबने से मौत हुई है। यूनुस के दूसरे पुत्र चांद को जिंदा निकाल लिया गया। जबकि 18 वर्षीय भतीजे अमन की देर शाम तक तलाश जारी रही। 

यूनुस की पत्नी शबाना ने बताया कि अतरंजीखेड़ा स्थित पीर बाबा की मजार पर हर वर्ष चादर चढ़ाने आते थे। गुरुवार को सुबह आगरा से आ गए और चादर चढ़ाने के बाद फैजान को शौच कराने नदी किनारे आए थे। अचानक फिसलकर वह नदी में डूबने लगा तो बचाने के लिए यूनुस ने छलांग लगा दी। इसके बाद चांद, अमन और मैं भी पानी में उतर गई। 
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लोगों ने मुझे खींच लिया और चांद को भी पानी से निकाल लिया गया, लेकिन पति और फैजान जिंदा नहीं बच सके। सीओ सदर सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि आगरा का एक परिवार मजार पर गुरुवार को आया था। नदी में चार लोग डूबे थे, दो के शव बरामद हुए हैं। 

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अमन का नहीं चला पता 
अमन की तलाश सुबह 10 बजे से शुरू हुई और शाम को सूरज छिपने तक जारी रही। प्रशासन ने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को भी आगरा से बुला लिया और पीएसी के गोताखोर भी स्टीमर के साथ उतारे गए लेकिन अमन का सुराग नहीं लग सका। 

सीओ सदर सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि यूनुस और इसके पुत्र फैजान का शव नदी से निकाल लिया गया था। जब अमन का स्थानीय गोताखोर पता नहीं लगा पाए तब उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। पीएसी के गोताखोरों को भी स्टीमर के साथ तलाश में लगाया गया। इसे बाद एनडीआरएफ की टीम को आगरा से बुलाई गई। 

नदी के पानी का बहाव तेज होने के चलते आशंका है कि युवक ज्यादा दूर पहुंच गया है। लगाता आठ घंटे तक तलाश जारी रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है। शुक्रवार को फिर तलाश की जाएगी। वहीं यूनुस और फैजान के शवों को जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है।

अक्सर मन्नत मांगने आता था परिवार
आगरा निवासी यूनुस अपने परिवार के साथ अक्सर बृहस्पतिवार के दिन पीर बाबा की मजार पर मन्नत मांगने आते थे। शबाना बेगम पति व पुत्र की मौत के बाद बार-बार अपना होश खो बैठती है। आगरा से अन्य परिजन भी सूचना मिलने के बाद एटा आ गए और शबाना को ढांढ़स बंधाते रहे। 



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