अमन का नहीं चला पता
अमन की तलाश सुबह 10 बजे से शुरू हुई और शाम को सूरज छिपने तक जारी रही। प्रशासन ने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को भी आगरा से बुला लिया और पीएसी के गोताखोर भी स्टीमर के साथ उतारे गए लेकिन अमन का सुराग नहीं लग सका।
सीओ सदर सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि यूनुस और इसके पुत्र फैजान का शव नदी से निकाल लिया गया था। जब अमन का स्थानीय गोताखोर पता नहीं लगा पाए तब उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। पीएसी के गोताखोरों को भी स्टीमर के साथ तलाश में लगाया गया। इसे बाद एनडीआरएफ की टीम को आगरा से बुलाई गई।
नदी के पानी का बहाव तेज होने के चलते आशंका है कि युवक ज्यादा दूर पहुंच गया है। लगाता आठ घंटे तक तलाश जारी रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है। शुक्रवार को फिर तलाश की जाएगी। वहीं यूनुस और फैजान के शवों को जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है।
अक्सर मन्नत मांगने आता था परिवार
आगरा निवासी यूनुस अपने परिवार के साथ अक्सर बृहस्पतिवार के दिन पीर बाबा की मजार पर मन्नत मांगने आते थे। शबाना बेगम पति व पुत्र की मौत के बाद बार-बार अपना होश खो बैठती है। आगरा से अन्य परिजन भी सूचना मिलने के बाद एटा आ गए और शबाना को ढांढ़स बंधाते रहे।
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