आगरा के फतेहाबाद कस्बे में पैंगोरिया स्वीट हाउस के मालिक सुभाष चंद्र पैंगोरिया पर हमले की साजिश भरतपुर जेल में बंद दो सजायाफ्ता कैदियों ने रची थी। इसके लिए 15 लाख रुपये में सुपारी दी थी। पुलिस ने दो शूटर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की है।
फतेहाबाद स्थित पैंगोरिया स्वीट हाउस के मालिक सुभाष चंद्र पैंगोरिया पर 31 जनवरी को फायरिंग की गई थी। वो बाल-बाच बच गए थे। इस मामले में मंगलवार को निबोहरा रोड पर रेलवे लाइन के पास दो बाइक सवार चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सोनू उर्फ बलराम, अमित, अजय और पद्म सिंह को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो बाइक, एक पिस्टल, दो तमंचे, दो मोबाइल और एक लोहे की रॉड बरामद की है।
उम्रकैद की सजा काट रहे हैं आरोपी
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि धौलपुर के राजाखेड़ा निवासी तारा उर्फ तरइया और निबोहरा के रामगढ़ निवासी जयवीर उर्फ भंडारी ने पैंगोरिया स्वीट के मालिक की हत्या की साजिश की थी। तारा और जयवीर भरतपुर जेल में बंद हैं। दोनों आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
उनका सुभाषचंद्र से रुपयों के लेन-देन का विवाद चल रहा है। रुपये वापस न करने का आरोप लगाते हुए वह सुभाषचंद्र पर छह बार जानलेवा हमला करा चुके हैं। मामले में 2013 से अब तक पुलिस 24 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है।
तारा और जयवीर की मुलाकात लूट और हत्या में जेल गए सोनू से हुई थी। तीन महीने पहले सोनू जमानत पर बाहर आ गया। तारा और जयवीर ने उसे 15 लाख रुपये में सुभाषचंद्र की हत्या की सुपारी दे दी। अमित सोनू का साथी है।
चोरी की गई बाइक की थी इस्तेमाल
अजय और रघुनाथ ने दुकान पर रेकी की। आरोपियों को रात में ठहराया भी। घटना के लिए छत्ता क्षेत्र से चोरी की गई बाइक फरार आरोपी सूरज ने दी थी। घटना वाले दिन सोनू और अमित बाइक पर आए थे।
दुकान पर सुभाष चंद्र का बेटा रविकांत भी बैठा हुआ था। बदमाशों का फायर मिस हो गया था। रविकांत काउंटर में छिप गया। उसने भी जवाब में फायरिंग की, लेकिन उसका भी मिस हो गया। बाद में बदमाश भाग गए थे।
यह हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में भरतपुर निवासी सोनू उर्फ बलराम, अमित, निबोहरा के रामगढ़ निवासी अजय और धौलपुर के राजाखेड़ा निवासी पद्म सिंह हैं। आरोपी निबोहरा निवासी रघुनाथ और भरतपुर निवासी सूरज फरार हैं। धौलपुर स्थित थाना राजाखेड़ा के नया बांस निवासी तारा उर्फ तरइया और थाना निबोहरा के रामगढ़ निवासी जयवीर उर्फ भंडारी ने साजिश की थी।