आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र की एक छात्रा का पूर्व सहपाठी ने ही शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया। फेसबुक आईडी हैक कर ब्लैकमेल कर नकदी और 50 लाख के गहने ले लिए। छात्रा की तबीयत खराब होने पर परिजन को पता चला। पुलिस से शिकायत करने पर आरोपी ने झूठे आरोप लगाए। बदनामी के डर से छात्रा का परिवार आगरा से बाहर रह रहा है। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित छात्रा के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि बेटी जब बारहवीं की पढ़ाई कर रही थी, तब स्कूल में ही पढ़ने वाला कृष गुप्ता गलत नजर रखने लगा। उसकी फेसबुक आईडी हैक कर ली। फोटो को साॅफ्टवेयर की मदद से बदलकर बेटी को ब्लैकमेल किया। दबाव बनाकर गहने और रुपये मंगाने लगा। घर से तकरीबन 3 लाख रुपये और 50 लाख के गहने ले लिए।
अप्रैल 2025 से बेटी काफी बीमार लगने लगी। चिकित्सक को दिखाने पर भी फायदा नहीं हुआ। जुलाई 2025 में तबीयत ज्यादा खराब हो गई। तब पता चला कि आरोपी कृष गुप्ता ने बेटी को धोखे से खाने में कुछ गलत चीज मिलाकर खिला दी थी।
पुलिस चाैकी में हुआ समझाैता
पिता का कहना है कि इस बारे में कृष गुप्ता से बात की। आरोप है कि वह धमकी देने लगा। फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की बात कही। उसके पिता नीरज गुप्ता ने भी पांच लाख रुपये की मांग की। कहा कि वह दोनों की शादी करा दें। साथ में कहा कि उनकी बेटी से अपने बेटे की शादी कराएं। इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने कृष, उसके पिता और मां को पकड़ लिया। आवास विकास काॅलोनी की सेक्टर-4 चाैकी पर ले आए। आरोपियों ने जेवर और रकम वापस करने का आश्वासन दिया और दो महीने का समय मांगा। इस पर उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं कराई।
साथी की मदद से चला रहा फेसबुक आईडी
छात्रा के पिता का कहना है कि एक दिन उन्हें बोदला पुलिस चाैकी पर बुलाया गया। कृष गुप्ता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी उसके बेटे की बाइक ले आई है जबकि वो स्कूटर तक नहीं चला पाती है। मगर आरोपी बाइक वापस करने की कहने लगे। उन्होंने बेटी को आगरा से बाहर भेज दिया। आरोपी कृष गुप्ता और उसके साथी उनकी बेटी की फेसबुक आईडी चला रहे हैं। उस पर अभद्र पोस्ट भी कर रहे हैं। उसे बदनाम किया जा रहा है। गलत लोगों के साथ परिवार के लोगों को जोड़ा जा रहा है। मामले में पुलिस ने कृष, नीरज और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
साक्ष्य संकलन किया जा रहा
एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि मामले में धमकी देने, धोखाधड़ी, बेईमानी से किसी की संपत्ति का उपयोग और जबरन वसूली की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।