मैनपुरी। खाद्य पदार्थ विक्रेता अब ब्लैंडेड ऑयल न तो पैक कर सकेंगे और न ही उसकी बिक्री कर सकेंगे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने एक्ट में संशोधन के बाद अब ब्लैंडिंग ऑयल पर रोक लगा दी है। इसकी बिक्री रोकने के लिए विभाग अब दुकानों पर छापा मारेगा।
अब तक बाजार में कई प्रकार के ब्लैंडेड ऑयल की बिक्री की जा रही थी। इन सभी में पामोलीन समेत अन्य तेलों को सरसों के तेल के साथ मिलाकर पैकिंग की जाती है। बाजार में इसकी बिक्री सरसों के तेल के नाम पर की जाती है। इस पर ब्लैंडेड ऑयल लिखा रहता है, लेकिन ग्राहकों को जानकारी न होने के चलते वे इसे सरसों का तेल समझकर खरीदते हैं।
इस पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने एक्ट में संशोधन कर दिया है। संशोधन के अनुसार अब सरसों के तेल में किसी भी दूसरे तेल की मिलावट कर पैकिंग अथवा खुले रूप में नहीं बेचा जा सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो उसे अवैध मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। एक्ट में संशोधन होने के बाद अब विभाग भी सक्रिय हो गया है।
कीमत कम करने के लिए की जाती है ब्लैंडिंग
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सरसों के तेल में दूसरे तेलों की ब्लैंडिंग उसकी कीमत कम करने के लिए की जाती है। वर्तमान में सरसों के तेल की कीमतें काफी अधिक हैं और अन्य दूसरे तेल सस्ते हैं। इसके चलते ब्लैंडेड ऑयल तैयार कर सरसों के तेल के रूप में बेचा जाता है और कीमत सरसों के तेल की वसूली जाती है।
- एक्ट में संशोधन के बाद अब ब्लैंडेड ऑयल की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। यदि कोई ब्लैंडेड ऑयल की पैकिंग अथवा उसकी बिक्री करता है तो उसके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी