केंद्र सरकार यमुना नदी में ‘सी प्लेन’ चलाने की योजना पर काम कर रही है। गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीडिया से मुखातिब केंद्रीय भूतल परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि ‘सी प्लेन’ योजना को ‘फ्लाई बोट’ नाम दिया है। यह बोट हवा, जमीन और पानी तीनों जगह चल सकेगी। आगरा में 24 किलोमीटर लंबा उत्तरी बाईपास बनाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि ऐसा प्रस्ताव आएगा तो उसे टेकअप किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने गुरुवार को आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, बनारस, लखनऊ, झांसी, बरेली, मेरठ, कानपुर, गाजियाबाद सहित 11 शहरों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही हाईवे परियोजनाओं और गंगा, यमुना, घाघरा सहित देश की प्रमुख नदियों में जलमार्ग विकसित करने की परियोजना के बारे में बताया। फिर मीडियाकर्र्मियों ने कई सवाल पूछे। आगरा में 24 किलोमीटर लंबे उत्तरी बाईपास के निर्माण के सवाल पर कहा कि आगरा में हाईवेज का विस्तार किया गया है। उत्तरी बाईपास का प्रस्ताव मंत्रालय को नहीं मिला है।
करीब डेढ़ वर्ष पहले यमुना में ‘हावर क्राफ्ट’ चलाने की घोषणा के सवाल पर कहा कि इस योजना में तीन स्टेक होल्डर हैं। पहले तो दिल्ली जलनिगम को यमुना में गंदा पानी जाने से रोकना है। दूसरा डीडीए को रिवर फ्रंट डेवलेप करना है। तीसरा काम हमारे विभाग को करना है। इसके तहत यमुना में ड्रेजिंग कर कम से कम 45 मीटर चौड़ाई और तीन मीटर गहराई साल भर रखनी होगी।
यमुना से निकलने वाली बालू को हाईवे के निर्माण में प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए कंट्रैक्टर्स और सरकारों की बीच एमओयू साइन कराने के प्रयास चल रहे हैं। अगले तीन माह में दिल्ली के वजीराबाद तक काम शुरू होगा।
‘फ्लाई बोट’ चलाने के लिए दो स्तर पर नियम बनाए जाएंगे। जमीन पर बोट उतारने के लिए नियम एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को और पानी में उतारने के लिए जहाजरानी मंत्रालय को तैयार करने हैं। उसके बाद इसे चलाने की अनुमति मिलेगी। इसके लिए रूस, अमेरिका सहित कई देशों की कंपनियों के प्रस्ताव भी आए हैं। सरकार ने एक वाटर बस खरीदी है। अमेरिका में बनी इस बस का ट्रायल जुलाई में मुंबई में किया जाएगा। यह बस पानी के साथ जमीन पर भी चल सकेगी।