जल संकट पर शहर में हाहाकार तो मचा ही हुआ है शहर की संसद में भी इसे लेकर खूब हंगामा हुआ। इस गंभीर समस्या पर पार्षद दो फाड़ हो गए। कुछ पार्षद चर्चा के लिए विशेष सदन बुलाने पर अड़े थे तो कुछ पार्षद इसी सदन में चर्चा चाहते थे। ताकि रमजान में शहरवासियों को पानी मिल सके। महापौर ने पहले से लगे प्रस्तावों के बाद पानी की समस्या पर चर्चा कराई। साथ ही विशेष सदन बुलाने का आश्वासन दिया है।
गुरुवार को नगर निगम के 26वें अधिवेशन की बैठक हुई। स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव के प्रजेंटेशन के बाद पहले से लगे 25 प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई। कांग्रेस पार्षद दल के नेता शिरोमणि सिंह सबसे पहले प्रकाश व्यवस्था पर चर्चा चाहते थे। मगर, इससे पहले सपा पार्षद हेमंत प्रजापति ने कुछ पार्षदों के साथ मिलकर पेयजल पर चर्चा के लिए विशेष सदन बुलाने की मांग की। इसके लिए उन्होंने महापौर इंद्रजीत सिंह आर्य को ज्ञापन भी दिया। सपा के ही मुकेश यादव और उमेश यादव इसी सदन में चर्चा पर अड़ गए। भाजपा पार्षदों ने भी उनका समर्थन किया। मगर, बसपा पार्षद बिना तैयारी के इस पर चर्चा को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि जलकल विभाग के अधिकारियों को समय दिया जाए। लगभग आधा घंटे तक हंगामा हुआ। महापौर और नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह ने बड़ी मुश्किल से पार्षदों को शांत किया। तब कहीं जाकर सदन की कार्यवाही शुरू हो सकी। पार्षदों के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सदन की समाप्ति से पहले पानी की समस्या पर चर्चा शुरू कराई गई। हेमंत प्रजापति ने आए दिन होने वाली लीकेज की मरम्मत पर होने वाले खर्च का हिसाब मांगा तो जलकल अधिकारी बगलें झांकने लगे। हैंडपंपों के रीबोर और क्लोरीन के खर्च पर भी अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। उमेश यादव ने यमुनापार में पानी की समस्या उठाई। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पार्षदों ने जलकल अधिकारियों को जमकर घेरा। महापौर ने पार्षदों को तीन दिन का समय दिया है। समस्याएं अधिकारियों को लिखित में दे दें। महापौर ने विशेष सदन बुलाने का आश्वासन दिया है। इस दौरान जलकल महाप्रबंधक मंजू गुप्ता, अपर नगर आयुक्त राम सिंह गौतम, उप नगर आयुक्त अनिल कुमार आदि मौजूद थे।
प्रदीप अग्रवाल का स्वागत
कुंदनिका शर्मा के सपा में शामिल होने के बाद से रिक्त चल रहे भाजपा पार्षद दल के नेता के रूप में प्रदीप अग्रवाल की ताजपोशी कर दी गई है। गुरुवार को सदन की कार्रवाई से पहले भाजपा पार्षदों के अलावा सपा, बसपा और कांग्रेस के पार्षदों ने भी उनका स्वागत किया। मोहन सिंह लोधी को मुख्य सचेतक बनाए जाने पर उनका भी स्वागत किया गया।
महापौर पर लगाया पक्षपात का आरोप
सदन में अपनी बात न रखने देने पर सपा पार्षद राकेश जैन महापौर पर भड़क गए। उन्होंने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया। दरअसल, सदन की कार्रवाई के दौरान राकेश जैन कई बार अपना पक्ष रखने के लिए खड़े हुए लेकिन महापौर ने उन्हें बैठा दिया।