बाह। चंबल नदी अब 122 मीटर पर स्थिर होकर बह रही है। बाढ़ से गांवों तक भरा पानी हट गया है। नदी घटने के बाद बीहड़ किनारे के 38 गांवों में दलदल और बदबू छोड़ गई है। कई गांवों के कच्चे, पक्के मार्ग कटकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दो से तीन फीट तक कीचड़ जमा हो गया है। ऐसे में घर, खेत में नुकसान देख लोग परेशान हैं।
बाढ़ का पानी गांव और घरों में भर जाने से मऊ की मढै़या, उमरैठापुरा, गुढ़ा, झरनापुरा, भगवानपुरा, पुराशिवलाल, पुराडाल, कछियारा, रेहा, डगौरा के ग्रामीणों ने बीहड़ के ऊंचे टीलों पर शरण ली थी। पानी हटने पर गांव में अपना नुकसान देखने के लिए पहुंचे लोग दलदल और सड़ांध से परेशान हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उमरैठापुरा गांव में 30 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां के 200 परिवारों ने पलायन कर बीहड़ में डेरा जमाया था। उमरैठापुरा के सियाराम, कलियान सिंह, हाकिम सिंह, मलखान सिंह, भजनलाल, कप्तान सिंह आदि ने बताया कि फॉगिंग के बाद भी गांव में बदबू से सांस लेना मुश्किल हुआ है। भगवानपुरा के वेदचारी, राजवीर, मिहीलाल, विद्याराम, प्रेमवती आदि ने बताया कि बदबू की बजह से बीमारी फैलने का खतरा है। गुढ़ा, झरनापुरा, पुराशिवलाल, डगौरा, कछियारा आदि गांवों में भी ऐसे ही हालात हैं।
बृहस्पतिवार को ट्रैक्टर ट्राली और स्टीमर से राहत सामग्री लेकर गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा गांव सपाई पहुंचे। कीचड़ की परवाह किए बगैर लोग इसे पाने के लिए दौड़ पडे़। सपा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी सुधीर दुबे ने बताया कि गांववालों का बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। कई लोगों के घर तक नष्ट हो गए हैं।