कासगंज। बैराजों से छोड़े गए पानी के बाद अब बाढ़ ने तटवर्ती इलाकों में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। बाढ़ का पानी फसलों को जलमग्न करता हुआ आबादी क्षेत्र में घुस गया है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की परेशानी बढ़ गई हैं। किसान बर्बादी के मुहाने पर पहुंच रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से खतरा और बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में 15 सेंटीमीटर तक जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते सिंचाई और राजस्व विभाग के अफसर दिनभर निगरानी करते रहे।
पिछले दिनों पहाड़ों पर हुई बारिश से बैराजों से छोड़ा गया पानी तेजी के साथ कछला गंगा नदी में बढ़ गया है। जिससे पानी कच्चे रास्तों को तोड़ता हुआ फसलों में घुस गया और फसलों को जलमग्न करने के बाद तेज रफ्तार के साथ आबादी की ओर पहुंच गया। गंगा नदी में आई बाढ़ ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। बाढ़ की विभीषिका का दंश लहरा, दतलाना, सहवाजपुर, बमनपुरा, अजीतनगर, किसौल, किलौनी, नगला ढग, उलाईखेड़ा, हिम्मतनगर बझेरा, बघेला, मेहोला, नगला ढाव, सुन्नगढ़ी, नगला शंभू सहित अन्य कई गांव के ग्रामीण झेल रहे हैं। शुक्रवार शाम 4 बजे तक कछला गेज पर पानी 164 मीटर के निशान तक पहुंच गया था।
प्रवाह से खुल गए पुल पुलियों के रास्ते
बाढ़ से बचने के लिए सिंचाई विभाग ने पहले ही पुल और पुलियों के मुहाने बंद करा दिए थे। जिससे कि कुलावे बंद रहने से पानी गांव की ओर न बढ़े, लेकिन पानी के प्रवाह से दतलाना पुख्ता में देर रात पुलिया का रास्ता खुल गया और यहां से पानी फसलों में घुस गया। तहसीलदार अजय कुमार मौके पर पहुंचे और पुलिया का रास्ता बंद कराने के लिए टीम लगाई। वहीं पानी की धार तेजी के साथ बढ़ती देख तराई क्षेत्र में ग्रामीण स्वयं बंधों को मजबूत करने में जुट गए हैं।
दिनभर दौड़ते रहे अफसर
बाढ़ से तबाही की खबर मिलते ही अफसरों में भी बेचैनी बनी रही। कासगंज में एसडीएम शिवकुमार, सीओ दीपकुमार पंत, सहावर में एसडीएम रमाकांत, सीओ शैलेंद्र परिहार, पटियाली में एसडीएम रवेंद्र कुमार, तहसीलदार राजीव निगम, सीओ आरके तिवारी तराई क्षेत्रों में निगरानी के लिए दौड़ते रहे। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरूण कुमार, सहायक अभियंता संजय कुमार, अबर अभियंता पंजाबी सिंह भी निगरानी बनाए रहे।
आंकड़े की नजर से
- 235000 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
- 56055 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 92845 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 164 मीटर के निशान पर कछला पुल पर शुक्रवार को रहा जलस्तर।
- 163.85 मीटर के निशान पर कछलापुल पर था बृहस्पतिवार को जलस्तर।
किसौल में आबादी तक पहुंचा बाढ़ का पानी- फोटो : KASGANJ
कासगंज के दतलाना गांव में आबादी तक पहुंचा गंगा की बाढ़ का पानी- फोटो : KASGANJ