जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) शिवराम तरकर ने बताया कि शनिवार को एसटीएफ ने चार्ज दाखिल कर दी है। वहीं अभियुक्तों के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने बताया कि न्यायालय में अब एक मई को सुनवाई होगी।
बक्सा में ताला लगाकर लाए चार्जशीट और केस डायरी
एसटीएफ की टीम पांच हजार पेज की चार्जशीट को लेकर अदालत आई। इस चार्जशीट और केस डायरी को वह एक बॉक्स में रखकर लाई। जिसमें एसटीएफ द्वारा केस के अपने पास आने के बाद सीएफआई सदस्यों से पूछताछ से लेकर पीसीआर तक के पर्चे दाखिल किए गए हैं। एसटीएफ ने सीएफआई सदस्यों पर राजद्रोह जैसे गंभीर धाराओं के संबंधित चार्ज भी लगाए हैं।
180 दिन हो चुके हैं पूरे
एसटीएफ को केस की जांच करते-करते रविवार को 180 दिन पूरे हो जाएंगे। रविवार को अवकाश होने के कारण अदालत बंद रहेगी। जिसके चलते एसटीएफ को हर हाल में शनिवार को ही चार्ज शीट को दाखिल करना था। सीएफआई सदस्यों को पांच अक्टूबर 2020 को मांट पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
एडीजीसी कराएंगे फोटो स्टेट
चार्जशीट और केस डायरी को पढने के उद्देश्य से अदालत के सरकारी अधिवक्ता एडीजीसी ने बताया कि वह इसकी फोटो स्टेट कराएंगे। एसटीएफ ने चार्जशीट और केस डायरी दो प्रतियों में दी हैं। इनमें से एक प्रति अदालत में रहेगी, जबकि एक प्रति अभियोजन के पास रहेगी।
एक धारा हटाई, एक बढ़ाई
एसटीएफ ने मांट पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में लगाई गई धाराओं में से सिर्फ 75 आईटी एक्ट को हटाया है, जो कि सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) 2008 है। जबकि 120-बी धारा को बढ़ाया है। यह धारा संरक्षण की धारा है। इसके साथ सभी अभियुक्तों पर आईपीसी की धारा 124-ए राजद्रोह के साथ 153- ए , 295-ए की धारा को शामिल किया गया है।