वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री पर जालसाजी कर नौकरी हासिल कर चुके 91 में से पांच शिक्षक दोषी पाए जा चुके हैं। न्यायालय से इन्हें राहत नहीं मिली। उसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर विधिक कार्रवाई शुरू की।
तीन शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि दो के खिलाफ कार्रवाई शिथिल है। हालांकि फर्जी पाए गए पांचों शिक्षक फरार हो चुके हैं और उनके मोबाइल बंद हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिशें दे रही है।
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पिछले साल अक्तूबर माह में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शिक्षक फर्जीवाड़े की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी। इन 91 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश पर फिर बहाली हुई।