आगरा में सुनने और बोलने में असमर्थ पांच दिव्यांग युवाओं ने अपने मजबूत इरादों और आत्मविश्वास के दम पर ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट एक ही बार में पास कर लिया। वीडियो के माध्यम से ट्रैक की जानकारी समझने के बाद सभी ने सफलतापूर्वक वाहन चलाकर यह साबित कर दिया कि शारीरिक सीमाएं सपनों की राह नहीं रोक सकतीं।
शारीरिक कमी को बाधा नहीं बनने दिया और अपने हर सपने को पूरा किया। सुन और बोल नहीं सकते तो क्या लेकिन वाहन दौड़ा सकते हैं। ऐसी हिम्मत के साथ पांच दिव्यांगों ने ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट ट्रैक पर दिया। उनके आत्मविश्वास का नतीजा रहा है कि सभी ने लाइसेंस के लिए टेस्ट को पास किया। यह वह लोग हैं, जो इशारों की भाषा को समझते हैं।
मंगलवार को पांच दिव्यांग, जो बोल और सुन नहीं सकते हैं। वह प्रत्यापन चालन प्रशिक्षण केंद्र पर ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट देने के लिए पहुंचे। उनको देखकर केंद्र के कर्मचारी पहले कुछ समझ नहीं सके। उनके साथ आए शिक्षक ने टेस्ट देने की जानकारी दी। इसके बाद दिव्यांग विनोद कुमार, नीरज कुमार, अंशु गुप्ता, प्रीतम सिंह और जाहिद अहमद को ट्रैक की जानकारी वीडियो दिखाकर दी गई गई। इन लोगों ने एक बार में टेस्ट की प्रक्रिया को आसानी से समझ लिया।
केंद्र प्रभारी संजीव प्रजापति ने बताया कि आम व्यक्ति को ट्रैक पर वाहन चलाते समय गलती कर देते हैं लेकिन इन लोगों ने एक बार में ही टेस्ट पास कर लिया। आरआई संजीत सिंह ने बताया कि दिव्यांगों को ड्राइविंग लाइसेंस कुछ शर्तों के आधार पर प्रदान किया जाता है। यह लोग अपने वाहन के आगे और पीछे की तरफ एक सिंबल लगाएंगे, जिससे दूसरे वाहन चालकों को इनके बोल और सुन नहीं सकने की जानकारी मिल जाए।