इनकी हुई गिरफ्तारी
- कुलदीप यादव उर्फ आलोक उर्फ रेनू निवासी सुल्तानपुरी, सी ब्लॉक, दिल्ली।
- नीतेश कुमार निवासी गांव भोजपुर, पिलुआ, एटा।
- पंकज यादव निवासी मारहरा, एटा।
- अमन निवासी तेलीपाड़ा, लोहामंडी।
- आकाश निवासी सेक्टर छह-सी, जगदीशपुरा।
यह हुई बरामदगी
आरोपियों से आठ मोबाइल, आठ आधार कार्ड, दो पेन कार्ड, छह एटीएम और क्रेडिट कार्ड, एक वोटर कार्ड, एक फाइल यूनाइटेड फाइनेंसियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की, चार प्राइमरी एप्रूवल लोन फाइल, दो चेक बुक, 23 चेक अलग-अलग बैंक, एक सिम कार्ड और 5200 रुपये बरामद किए गए।
पुलिस से बचने के लिए युवतियों से वर्क फ्रॉम होम
एसटीएफ की पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उसके पार्टनर नीतेश और पंकज यादव हैं। लोगों के बैंक खाते, मोबाइल नंबर और अन्य डाटा आकाश और अमन उपलब्ध कराते थे। उनके गैंग ने तीन युवती अनन्या, फिजा और मोनिका भी हैं। वह कॉल करने के लिए युवतियों को उपलब्ध कराती थीं। युवतियों को 15 दिन का प्रशिक्षण देकर वर्क फ्राम होम कराते थे, जिससे पकड़े जाने का भय नहीं रहता था।
कर्मचारी युवती लोगों को कॉल करके सस्ते दर पर लोन का झांसा देती थी। जो लोग लोन लेने की कहते थे, उन्हें व्हाट्सएप पर लोन की फाइल और चेक की कॉपी भेजती थी। इसके बाद फाइल कुलदीप आदि को देती थीं। वो लोगों से फाइल चार्ज के रूप में रकम जमा करा लेते थे। कुछ दिन बाद नंबर बंद कर लिया जाता था। आरोपियों के खिलाफ रेंज साइबर थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है।