आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एंटीजन टेस्ट में आगरा घूमने आए केरल के एक पर्यटक की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। आठ महीने बाद आगरा में कोई संक्रमित मिला है। इससे पहले इसी साल नौ मई में ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक मरीज मिला था। ये जेएन. 1 वैरिएंट होने की आशंका है। इसकी पुष्टि करने के लिए नमूना किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ भेजा जा रहा है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि केरला एक्सप्रेस से केरल के तिरुवनंतपुरम निवासी 32 वर्षीय पर्यटक आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उतरा था। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका एंटीजन टेस्ट के लिए नमूना ले लिया। जांच के दौरान पर्यटक कुछ खाने-पीने के लिए स्टॉल पर चला गया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे फोन किया तो वह बंद था। जब फोन उठा तो उसने बताया कि वह धौलपुर निकल आया है। टीम ने उसे संक्रमित होने की जानकारी देते हुए एहतियात बरतने और संबंधित जिले के प्रशासन को जानकारी देने की बात कही।
इसकी कोविड पोर्टल के जरिये केरल, धौलपुर के सीएमओ को जानकारी दे दी है। इसकी आरटी-पीसीआर और जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू भेजा जा रहा है। यहां से रिपोर्ट आने के बाद कोविड पोर्टल और शासन को जानकारी भेजी जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में एंटीजन किट से कोरोना की जांच
सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस की एंटीजन किट से जांच की सुविधा शुरू कर दी है। सीएमओ ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटीजन किट से कोरोना संदिग्ध की जांच की जा रही है। कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज इन केंद्रों पर जाकर जांच करा सकते हैं।
खतरनाक नहीं हैं वैरिएंट, फिर भी बरतें सावधानी
एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि कोरोना वायरस अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। इसके वैरिएंट आते रहेंगे, घबराने की जरूरत नहीं है। ये खतरनाक नहीं है। एसएन के वायरोलॉजी लैब प्रभारी डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि जेएन. 1 वैरिएंट ओमिक्रॉन का सबवैरिएंट है। इसमें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है। मास्क, हाथों की सफाई और बेवजह भीड़भाड़ में जाने वाला प्रोटोकॉल अपनाते रहें।