टूंडला। यमुना के जलस्तर में मंगलवार को बढ़ोत्तरी हुई। बढ़ते जल स्तर से यमुना किनारे खेतों में खड़ी किसानों की फसलें डूब रहीं हैं। यमुना के बढ़ते जलस्तर के साथ ही किसानों की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। हालात ये हो गए हैं कि किसान अपनी फसलों को कच्ची ही काटकर पशुओं का चारा के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
पिछले चार दिनों से यमुना जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। शनिवार-रविवार तेजी से यमुना जलस्तर बढ़ा था लेकिन सोमवार से जल स्तर बढ़ने की गति में कमी आई है। यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर से किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर जल स्तर और बढ़ा तो यमुना की खादरों में खड़ी उनकी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगी।
किसानों के अनुसार अगर तीन से चार फीट पानी और बढ़ गया तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। गांव में भी पानी प्रवेश कर जाएगा। डरे सहमे किसान रातभर यमुना के बढ़ते जल स्तर पर नजर रखे रहे हैं। सोमवार की अपेक्षाकृत मंगलवार को पानी में अधिक वृद्धि नहीं हुई। ग्रामीणों की मानें तो महज तीन से पांच इंच ही जल स्तर बढ़ा लेकिन इससे उनकी कुछ फसल और पानी की चपेट में आ गई।
किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे आगरा क्षेत्र के लोग
टूंडला। टूंडला क्षेत्र के किसानों की आगरा क्षेत्र में फसल होने पर ये किसान प्रतिदिन यमुना में नाव से अपनी खेती के लिए दूसरी ओर जाकर रखवाली कर रहे हैं। बावजूद इसके उनकी फसल को आगरा क्षेत्र के किसान काटकर ले जा रहे हैं। ऐसे किसानों ने अपनी फसल की सुरक्षा की मांग की है।
कच्ची फसलों को चारे के लिए काट रहे किसान
टूंडला। यमुना के खादरों में खड़ी फसलों में पानी भरने पर अब किसान बेहद चिंतित हैं। फसलों के जलमग्न होने से पूर्व वे दो-चार फीट की खड़ी हुई कच्ची फसलों को काटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि अगर पानी उतर भी गया तो पानी में खड़ी फसल गल जाएगी। ऐसे में वे फसलों को पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
यमुना के बढ़ते जलस्तर से ये गांव है प्रभावित
टूंडला। बढ़ते जलस्तर के कारण एत्मादपुर सीमा से लेकर बटेश्वर तक का क्षेत्र प्रभावित है। नगला केशों, रुधऊ मुस्तकिल, अनवारा, जटपुरा, बालमपुर, रसूलाबाद, ग़दलपुरा, रामगढ़, बजहेरा, नगला काले, कुतुकपुर साहब, ठार डेका, ठार वर, ठार हरवंस, नगला राजपति, गुवारई, घुरुकूआं, नगला नंदा, नगला मूसता, नियामतपुर के साथ फिरोजाबाद और शिकोहाबाद के बहुत से गांव भी प्रभावित हैं।
टूंडला के रसूलाबाद क्षेत्र में यमुना में डूबी फसलें- फोटो : TUNDLA