जमीन के विवाद में अलीगंज के गांव अमरौली में फायरिंग हो गई। गोलियां चलने से लोग दहशत में आ गए। फायरिंग में मासूम बच्ची सहित चार लोगों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एटा के थाना अलीगंज क्षेत्र के गांव अमरौली रतनपुर में बुधवार सुबह करीब आठ बजे चचेरे भाइयों के बीच जमीन के विवाद को लेकर फायरिंग हो गई। इस वारदात में एक पक्ष के दो और छत पर खाना बनाती महिला औ बच्ची घायल हो गई। चारों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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गांव अमरौली रतनपुर में शिवपाल सिंह और सुखपाल सिंह के बीच जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही है। इसी बात को लेकर बुधवार की सुबह दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग होने लगी। इसमें शिवपाल सिंह और इसके भाई राजाराम, छत पर खाना बना रही पड़ोसी गोविंद की पत्नी सपना और एक साल की बेटी अनन्या घायल हो गई। परिजन पहले चारों को सीएचसी अलीगंज लेकर पहुंचे। यहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
घायल महिला के ससुर दशरथ सिंह ने बताया कि पुत्रवधू छत पर खाना बना रही थी। पास में ही एक साल की नातिन अनन्या खेल रही थी, तभी फायरिंग होने लगी लगी और गोली लगने से मां-बेटी घायल हो गईं। वहीं घायल शिवपाल सिंह ने बताया कि सुखपाल चचेरा भाई है। गांव में ही सड़क किनारे स्थित जमीन को लेकर कई बार झगड़ा हो चुका है। एक अक्तूबर को भी लाठी डंडे से हमला कर हम लोगों को घायल कर दिया था और गोली भी चलाई थी। तब पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
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वहीं दूसरे पक्ष का आरोप है कि बैनामा करने के बाद भी शिवपाल ने जमीन पर ऋण ले लिया। इसकी वजह से दाखिल-खारिज नहीं हो पा रहा है। शिवपाल जमीन हड़पना चाहता है। थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि घायल महिला के पति गोविंद की तहरीर पर सुखपाल सहित नौ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।
छह दिन पहले ही कराई है जमानत
शिवपाल सिंह ने बताया कि एक अक्तूबर को हुई मारपीट के मामले में 27 अक्तूबर को जमानत कराई गई है। इसमें राजाराम, छोटेलाल, हीरा लाल और अजय कुमार सहित मुझे नामजद किया गया था। इसके चलते सभी को जमानत करानी पड़ी है।
पुलिस की लापरवाही से हुई वारदात
थाना अलीगंज पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। कई बार झगड़ा होने के बाद भी पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती। इसकी वजह से गोलीबारी की वारदात हुई। घायल पक्ष का आरोप है कि पुलिस का बढ़ावा सुखपाल पक्ष को मिलता रहा। इसकी वजह से बुधवार को निहत्थे लोगों पर फायरिंग की गई। इसमें कई लोगों की जान जा सकती थी।