आगरा में नमक की मंडी सराफा बाजार में सोमवार सुबह बड़ा हादसा होने से टल गया। सकरी गलियों के बीच श्रीजी मार्केट की तीसरी मंजिल पर चल रहे चांदी गलाई कारखाने में भीषण आग लग गई। गनीमत रहीं उसमें रखे गैस सिलेंडर तक आग नहीं पहुंची। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। कारखाने से धुंआ उठते देख आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस और दमकल की गाड़ियां पहुंच गई। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है। बाग फरजाना निवासी कुलदीप वर्मा का श्रीजी मार्केट में चांदी गलाई कारखाना हैं। मार्केट बाहर से बंद थी। सफाई करने पहुंचे सफाईकर्मी ने मार्केट की तीसरी मंजिल से धुंआ उठते देखा। वह शोर मचाने लगा। आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने चौकीदार को बुलाकर ताला खुलवाया। बिजली की सप्लाई बोर्ड से कनेक्शन काटा। अग्निशमन यंत्रों और समर से पाइप डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इतने में सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल कर्मी पहुंच गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
एफएचएसओ ईदगाह अभिषेक कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। फायर ब्रिगेड की टीम आग लगने के सही कारणों की जांच कर रही है।
कारखाने तक पहुंचने की थी मात्र दो फुट चौड़ी सीढि़यां
सराफा बाजार में श्रीजी मार्केट की तीसरी मंजिल पर कारखाना चल रहा था। उस तक पहुंचने के लिए मात्र दो फुट चौड़ी सीढि़यां है। उसमें गैस की भट्टियों पर चांदी गलाई का कार्य होता है। उसके पास की अन्य दुकानों में भी इसी तरह का कार्य किया जाता है। अगर सिलेंडरों में आग लग जाती तो भीषण हादसा हो सकता था। दमकल कल की गाड़ियां वहां तक पहुंच नहीं सकती हैं। इससे भी कठिन कम चौड़ाई वाली सीढि़यों से ऊपरी मंजिल पर कारखाने तक अग्निश्मन यंत्रों को पहुंचाना है। इमरजेंसी में कार्य करने वाले मजदूर भी सीढि़यों इन रास्ते से जल्दी नहीं उतर सकते हैं।