पार्षदों में हुई कहासुनी
- फोटो : अमर उजाला
पार्षदों ने किया हंगामा, सदस्यता खत्म करने की चेतावनी
सदन शुरू होते ही राजनगर के पार्षद बंटी माहौर सीट पर खड़े हो गए। सीवर समस्या से परेशान पार्षद ने कहा कि नगला गंगाराम में सीवर उफना कर पानी की लाइन में मिल रहा है, जिससे गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। चैंबर टूटने के बाद कंपनी बदल नहीं रही। वबाग के अधिकारी उनकी भी नहीं सुनते तो आम जनता की समस्या क्या दूर करेंगे।
बंटी माहौर के समर्थन में बसपा पार्षदों और भाजपा पार्षदों की तकरार हुई। बंटी माहौर के सीट पर खड़े होने पर मेयर ने उनकी सदस्यता खत्म करने की चेतावनी दी, जिसके बाद बंटी अपनी बात न कह पाने पर सदन कक्ष के बाहर बसपा पार्षदों के साथ धरने पर बैठ गए।
अपने शहर को सड़ने नहीं दूंगा :मेयर
चार घंटे तक पार्षदों की शिकायतें सुनने के बाद मेयर नवीन जैन ने सदन में कहा कि वबाग कंपनी का करार निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर दिया तो पूरे देश में कंपनी को कहीं कोई काम नहीं मिलेगा। मैं अपने शहर को सड़ने नहीं दूंगा। पौने दो साल से कंपनी सीवर सफाई नहीं कर पाई।
दो महीने का वक्त और दे रहे हैं। उसके बाद फिर से सदन का विशेष अधिवेशन बुलाएंगे और प्रस्ताव पारित कर शासन को भेज देंगे। कंपनी कैसे सफाई करेगी, इसका प्लान सा दिन में बनाकर सौंपे। जितने दिन कंपनी ने हड़ताल की है, उतने दिनों की बिल में कटौती की जाएगी।
चोक लाइनों के लिए मशीनें बढ़ाएं : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने सदन में वबाग के अफसरों को फटकार लगाई और कहा कि कंपनी के अधिकारियों को बार-बार बता चुके हैं, पर कंपनी काम नहीं कर रही। चोक सीवर लाइनों की सफाई के लिए हर जोन में एक सुपर सकर मशीन लाने के लिए कहा है, पर लाते नहीं। नगर निगम के पास 4500 सफाईकर्मी हैं, पर वबाग केवल 117 लोगों से पूरे शहर की सीवर साफ करा रही है जो संभव नहीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगरा की छवि खराब हो रही है। करार में जो शर्तें हैं, उनके मुताबिक सफाई कराएं। पार्षदों की समस्याएं दूर करने के लिए अलग रजिस्टर बनाएं। सेनेटरी इंस्पेक्टरों को भी सीवर समस्या के लिए जिम्मेदारी देंगे। उनके द्वारा जो शिकायतें मिलें, उन्हें प्राथमिकता पर दूर कराएं। हर जोन पर मशीनें रखें। लाइनें धंसीं तो एफआईआर कराएंगे।
अगस्त से बंद हैं सीवर लाइन जोड़ने का काम : वबाग कंपनी
सदन में तलब किए गए वबाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विजय वर्गीय, प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल वर्मा, नेटवर्क मैनेजर तनवीर शर्मा ने पार्षदों की शिकायतों पर जवाब दिया कि कंपनी ने 21 माह में 7 किमी लंबी लाइन बिछाई है, पर अगस्त से काम बंद है।
कंपनी का भुगतान लखनऊ से नहीं हुआ है। 2 सुपरसकर मशीनों और 5 जेटिंग मशीनों से सफाई कर रहे हैं। भुगतान हो जाए तो सुधार लाएंगे। पार्षदों के साथ समन्वय के लिए हर सप्ताह मुलाकात करेंगे। टोल फ्री नंबर पर की गई शिकायत की मॉनीटरिंग करेंगे।