ये धनराशि फरवरी 2018 से मार्च 2018 तक 12 अलग-अलग चैकों के माध्यम से निकाली गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान बुर्रा पर एफआईआर कराने के आदेश दिए। बुधवार देर रात प्रशासनिक दबाव के बाद सदर कोतवाली में प्रधान पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
इंस्पेक्टर ओमहरि वाजपेई ने बताया कि एडीओ पंचायत की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे
की कार्रवाई करेगी।