उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रांस यमुना थाने की पुलिस ने किशोरी के अपहरण के मामले में लापरवाही की। पीड़ित परिजन केस दर्ज कराने के लिए भटकते रहे। पुलिस आयुक्त से शिकायत करने पर 51 दिन बाद केस दर्ज किया गया।
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किशोरी के माता-पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 27 मई को काम से गए थे। घर में बेटियां थीं। शाम को घर आए तो बड़ी बेटी नहीं थी। छोटी ने बताया कि उसे मोहल्ले का इरफान ले गया है। वह इरफान के घर पर पहुंचे। वह पहले से शादीशुदा निकला। आरोपी की पत्नी और बच्चों ने गालियां दीं। जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।
पीड़ित पिता ने थाना ट्रांस यमुना में तहरीर दी। मगर, पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। पुलिस जांच की बात करती रही। आरोपी ने मोबाइल भी बंद कर लिया। उन्हें बेटी के साथ अनहोनी की आशंका है। उन्होंने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिया, तब बुधवार को थाना ट्रांस यमुना में केस दर्ज किया गया।