सीओ सदर राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी नरेंद्र सिंह, दिनेश, अमन और विवेक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें जेल भेजा गया है। वहीं अन्य आरोपी घरों से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों की निशानदेही पर कुछ हथियार बरामद किए गए हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
सपा नेता राजपाल यादव ने की साजिश
मामले में प्रसपा जिलाध्यक्ष धारा सिंह यादव ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें लिखा कि वह अपने बेटे अमित और चचेरे भाई अनिल के साथ जा रहे थे। तभी रास्ते में गांव के चौराहे पर नरेंद्र के घर के पास जैसे ही पहुंचे तो नरेंद्र, अमन, विवेक, दिनेश, प्रवीन कुमार, पप्पू, रामनरेश, पंकज, हरीमोहन, अशोक, राजेश, चार-पांच अन्य ने रोक लिया। सभी के पास असलहा भी थे।
उन्होंने गाली देना शुरू कर दिया। कहा कि तू बहुत बड़ा नेता बनता है। कहासुनी होने पर नरेंद्र ने कहा कि इनको गोली मार दो। हमारी बात राजपाल यादव से हो गई है। वह हमें बचा लेंगे। आरोपियों ने फायरिंग कर दी। बचाने के लिए भाई और अन्य लोग आए तो आरोपियों ने उन्हें भी निशाना बनाया। मुकदमे में यह भी लिखा है कि पंचायत चुनाव के दौरान राजपाल यादव ने धमकी दी थी कि तुमने मेरा समर्थन नहीं किया तो जान से मरवा दूंगा। इसी बात को लेकर हमला बोला गया।
चार मई को भी हुआ था विवाद
सीओ सदर राजीव कुमार ने बताया कि विवेचना में पता चला है कि धारा सिंह यादव की पत्नी और भाई चुनाव में खड़े हुए थे। मगर, उनकी हार हो गई थी। इसके बाद ही नरेंद्र पक्ष और धारा सिंह पक्ष में तनातनी चल रही थी। चार मई को नरेंद्र पक्ष ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें धारा सिंह यादव और उनके भाई अशोक पर मारपीट के आरोप लगे थे। उनके खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई थी। तब से ही दोनों गुटों में तनातनी और बढ़ गई थी।