मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ने दस विक्रेताओं के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। इन विक्रेताओं में से कुछ के विरुद्ध बिना लाइसेंस कारोबार करने और अन्य के विरुद्ध मिलावट करने के लिए ये कार्रवाई की गई है। शासन की संस्तुति के बाद एसीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया गया है।
बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ का कारोबार करना अवैध है। वहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट भी अपराध है। इसके तहत खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ने दस विक्रेताओं के विरुद्ध एसीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया है। तीन विक्रेताओं के विरुद्ध जहां बिना लाइसेंस के कारोबार करने पर कार्रवाई की गई है तो वहीं अन्य सात विक्रेताओं की दुकान से लिए गए नमूने जांच में फेल हो गए थे। इनमें ऐसी मिलावट की गई थी जो मानव शरीर के लिए हानिकारक पाई गई थी। सरसों के तेल और चिली पोटेटो में जहां रंग की मिलावट की गई थी तो वहीं पनीर में बाहरी फैट की मिलावट की गई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन से विभाग ने मुकदमा दायर करने की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद ही ये कार्रवाई की गई है।
इन विक्रेताओं पर हुआ मुकदमा
- राजेश गुप्ता कुरावली, बिना लाइसेंस कारोबार के लिए।
- रजत गुप्ता मोहल्ला अग्रवाल, बिना लाइसेंस कारोबार के लिए।
- राहुल भारद्वाज बेवर, बिना लाइसेंस कारोबार के लिए।
- मोहित चौहान राजधानी स्वीट्स मैनपुरी, चिली पोटेटो में रंग की मिलावट।
- कौशलेंद्र सुरजनपुर, पनीर में बाहरी फैट की मिलावट।
- ओमप्रकाश अग्रवाल करहल रोड, सरसों के तेल में रंग की मिलावट।
- मोहित कुमार गोला बाजार, घी में सडन के लिए।
- विकास अग्रवाल करहल रोड, घी में सडन के लिए।
- आशीष जैन करहल रोड, पान मसाला में गैंबियर की मिलावट।
- नीरज कुमार करहल रोड, सरसों के तेल में रंग की मिलावट।
वर्जन
बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों का कारोबार करने और मिलावट करने के लिए दस विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दायर किया गया है। अब न्यायालय द्वारा ही निर्णय किया जाएगा।
-डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी एफएसडीए।