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फिरोजाबाद: तेज बुखार नहीं झेल पा रहे बच्चे, कई में दिखे दिमागी दौरे के लक्षण, अभिभावकों को दिए चिकित्सकों ने सुझाव

Thu, 07 Oct 2021 06:03 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

बाल रोग चिकित्सक डा. विवेक अग्रवाल ने बताया कि तेज बुखार होने पर बच्चों के दिमाग पर बुखार चढ़ रहा है। इसके कारण फेबराइल से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यह तेज बुखार आने पर कमजोर बच्चे नहीं झेल पाते हैं। हर रोज ऐसे में मरीज आ रहे हैं। करीब पांच से 10 फीसदी बच्चों में यह समस्या हो रही है। 
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सौ शैय्या अस्पताल फिरोजाबाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल का असर तेजी से फैल रहा है। बुखार में शरीर का तापमान 105 डिग्री तक पहुंच रहा है। बुखार की तपिश बच्चे नहीं झेल पा रहे हैं। अस्पतालों में पांच से 10 फीसदी बच्चे दिगामी दौरे (फेबराइल) से ग्रसित आ रहे हैं। समय से सही इलाज न मिलने पर बच्चों की मृत्यु भी हो रही है। एक से अधिक बार दौरे आने पर बच्चों का लंबा इलाज चलता है। छह साल से चार वर्ष की आयु वाले बच्चों में सबसे ज्यादा यह समस्या देखने में आ रही है।

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निजी और सरकारी अस्पतालों में भीड़
सुहागगनरी में वायरल और डेंगू से हाहाकार मचा हुआ है। निजी और सरकारी अस्पतालों में भीड़ लग रही है। यह वायरल बुखार हर साल मरीजों को परेशान करता है। जो तीन से चार दिन तक ज्यादा असर करता है। चिकित्सकों की मानें तो इस साल बुखार का तापमान 102 से ज्यादा जा रहा है। कमजोर बच्चे इस बुखार को नहीं झेल पा रहे हैं और बुखार दिमाग पर चढ़ रहा है। बुखार का असर दिमाग पर आते ही बच्चे को झटके आने लगते हैं। जो गंभीरवस्था में पहुंच जाता है। कई बच्चों के मुंह में झाग और शरीर में अकड़न और बेहोशी हो जा रही है। हालांकि यह समस्या 10 से 15 मिनट तक होती है। इस अवधि में इलाज न मिलने पर बच्चों की मौत हो जाती है। 

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बाल रोग चिकित्सक डा. विवेक अग्रवाल ने बताया कि तेज बुखार होने पर बच्चों के दिमाग पर बुखार चढ़ रहा है। इसके कारण फेबराइल से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यह तेज बुखार आने पर कमजोर बच्चे नहीं झेल पाते हैं। हर रोज ऐसे में मरीज आ रहे हैं। करीब पांच से 10 फीसदी बच्चों में यह समस्या हो रही है। वहीं इसके साथ ही बच्चों में निमोनिया के लक्षण देखे जा रहे हैं यह उन बच्चों को हो रहा है जो 6 माह से कम उम्र के हैं।
यह करें अभिभावक
- तेज बुखार आने पर पानी की पट्टी से बच्चों का बुखार उतारें।
- बुखार कम होने पर बच्चे को बाल रोग विशेषज्ञ पर ले जाएं।
- यदि बच्चा झटका ले रहा है तो उसे पानी न पिलाएं। उसे एक करवट से लेटाएं।
- घर में किसी के भी वायरल है तो उस घर के छोटे बच्चों को उनसे दूर रखें।

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