बाल रोग चिकित्सक डा. विवेक अग्रवाल ने बताया कि तेज बुखार होने पर बच्चों के दिमाग पर बुखार चढ़ रहा है। इसके कारण फेबराइल से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यह तेज बुखार आने पर कमजोर बच्चे नहीं झेल पाते हैं। हर रोज ऐसे में मरीज आ रहे हैं। करीब पांच से 10 फीसदी बच्चों में यह समस्या हो रही है। वहीं इसके साथ ही बच्चों में निमोनिया के लक्षण देखे जा रहे हैं यह उन बच्चों को हो रहा है जो 6 माह से कम उम्र के हैं।
यह करें अभिभावक
- तेज बुखार आने पर पानी की पट्टी से बच्चों का बुखार उतारें।
- बुखार कम होने पर बच्चे को बाल रोग विशेषज्ञ पर ले जाएं।
- यदि बच्चा झटका ले रहा है तो उसे पानी न पिलाएं। उसे एक करवट से लेटाएं।
- घर में किसी के भी वायरल है तो उस घर के छोटे बच्चों को उनसे दूर रखें।
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