आगरा में फेसबुक पर दोस्ती कर महिला ठग ने व्यापारी को विदेशी मुद्रा निवेश के नाम पर 27.52 लाख रुपये ठग लिए। मुनाफा दिखाकर और रकम मांगने पर शक हुआ, जिसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।
फेसबुक पर महिला साइबर अपराधी ने व्यापारी से दोस्ती कर ली। विदेशी मुद्रा में निवेश करने पर कम समय में कई गुना मुनाफे का लालच देकर जाल में फंसा लिया। व्यापारी ने अपने, पत्नी व बेटे के बैंक खातों से कई बार में 27.52 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपी ने और रकम की मांग की। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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खंदारी स्थित गणपति अपार्टमेंट निवासी रितेश सारस्वत पुस्तक व्यापारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 17 नवंबर 2025 को रिधिमा सारस्वत नाम की फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। महिला ने खुद को मुंबई निवासी बताते हुए आगरा के कमला नगर में रिश्तेदारी होने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप नंबर के जरिये संपर्क बढ़ाया और ऑनलाइन निवेश कंपनी सीपीटी मार्केट्स के विदेशी मुद्रा ट्रेड में निवेश पर कई गुना मुनाफे का झांसा दिया।
बातों में आकर 6 दिसंबर 2025 को भेजे गए लिंक से पीड़ित ने एप डाउनलोड कर पत्नी के खाते से 42,500 रुपये निवेश किए। आरोपी के कहने पर रितेश ने अलग-अलग बैंक खातों से कई किस्तों में रकम भेजी। एप पर मुनाफा दिखने पर अपने बेटे के नाम से भी ट्रेडिंग अकाउंट बनाकर निवेश किया। कुल 13 बार में अपने, पत्नी व फर्म सारस्वत बुक डिस्ट्रीब्यूटर के खाते से कुल 27,52,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब पीड़ित ने मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो उससे और रुपये जमा करने को कहा गया। तब ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में भी प्राथमिकी दर्ज कराई। थाना प्रभारी साइबर क्राइम ने बताया कि संबंधित खातों को होल्ड कराया गया है। मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया खाते के आईपी एड्रेस से आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रेम, लालच और डर को बनाते हैं हथियार
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी प्रेम, लालच और डर को हथियार बनाकर ठगी करते हैं। ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी तेजी से बढ़ रही है। ठग सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और व्हाट्सएप पर दोस्ती कर बड़े मुनाफे का लालच देते हैं। किसी भी अनजान लिंक या एप पर भरोसा न करें और बिना जांच किए रकम निवेश न करें। हमेशा सेबी से मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें। अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड किसी से साझा न करें। ठगी का शक होते ही तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।