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'गांव बंद आंदोलन' के समर्थन में उतरे सैकड़ों किसान, महापंचायत में भरी हुंकार

Thu, 07 Jun 2018 09:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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महापंचायत में किसान - फोटो : अमर उजाला
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कर्ज माफी और अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी 'गांव बंद आंदोलन' के समर्थन में किसान लामबंद हो गए हैं। आगरा जिले में भी इसका असर देखा जा रहा है। किसानों पर सड़क कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  
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जिले के गांव खलउआ में राष्ट्रीय लोकदल की ओर से आयोजित किसान महापंचायत में आसपास के गांवों से पहुंचे किसानों ने आंदोलन का समर्थन किया। महापंचायत में कई संगठनों के पदाधिकारियों ने भी शिरकत की। 

प्राथमिक विद्यालय खलउआ में गुरुवार को हुई किसान महापंचायत में कर्ज माफी, बिजली बिल, फसलों का उचित मूल्य न मिलना आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने मौजूदा सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।
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केंद्र व प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप

किसान नेता ने कहा कि कर्जमाफी के नाम पर किसानों को धोखा दिया जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय लोकदल की जिलाध्यक्ष डॉ. मालती चौधरी ने केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि इन सरकारों ने किसानों और युवाओं के साथ छल किया है। 

उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय लोकदल किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के हक की लड़ाई लड़ेगा और निर्णायक लड़ाई के लिए रणनीति बनाई जाएगी। किसानों को एकजुट किया जाएगा। 

रालोद नेता चौधरी नेम सिंह ने कर्जमाफी के बाद भी किसानों को नोटिस भेजे जाने का मुद्दा उठाया। कहा कि कागारौल क्षेत्र में ही 48 किसानों के ऋण माफी के बाद भी बैंक ने नोटिस भेज दिए हैं। यह किसानों के साथ छलावा है। 

महापंचायत में किसानों ने एक राय होकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की। किसानों ने कहा कि 1967 को आधार वर्ष मानते हुए किसानों को लागत मूल्य दिया जाए। 
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