बीएससी का छात्र ने क्रिकेटर बनने के लिए घर छोड़कर चल गया। वो कानपुर जाकर ग्रीन पार्क स्टेडियम में प्रवेश लेकर अभ्यास करने लगा। आगरा में छात्र के परिजन अपहरण की आशंका को लेकर परेशान रहे।
पुलिस ने तलाश की तो दो महीने बाद छात्र मिल गया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वो क्रिकेटर बनना चाहता है। मगर, घरवाले उसे पढ़ाई के लिए बोलते थे। इससे नाराज होकर घरवालों को बिना बताए चला गया।
दयालबाग के जयरामबाग क्षेत्र निवासी देवेंद्र सिंह पूर्व फौजी हैं। उनका 19 वर्षीय बेटा भूपेंद्र बीएससी कर रहा है। वो क्रिकेट खेलने का शौकीन है। दयालबाग स्थित शूटिंग रेंज में खेलता था।
दो महीने हुआ था लापता
31 मार्च की शाम को वो क्रिकेट खेलने गया था। इसके बाद वापस नहीं आया। परिजनों ने एक अप्रैल को थाना न्यू आगरा में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजनों ने अपहरण की आशंका जाहिर की।
इस पर पुलिस टीम को उसकी तलाश के लिए लगाया गया। छात्र की तलाश के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पोस्टर चिपकाए। एनाउंस भी कराया, लेकिन कोई पता नहीं चला।
पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक किया। कैंट रेलवे स्टेशन के फुटेज में भूपेंद्र ट्रेन में चढ़ता हुआ नजर आ गया। इस पर आशंका जताई गई कि वो खुद ही गया है। पुलिस ने गाजियाबाद, लखनऊ आदि जिलों में तलाश शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा
पुलिस के साथ बीएससी का छात्र
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर भूपेंद्र नजर आ गया। लखनऊ और कानपुर के जिस एटीएम से भूपेंद्र ने रुपये निकाले थे, टीम वहां भी गई। फुटेज चेक किए। इसमें वो अकेला ही रुपए निकालता नजर आ रहा था।
इसी दौरान पुलिस को कानपुर के एटीएम के सीसीटीवी फुटेज में भूपेंद्र दिखाई दिया। एटीएम के पास ही ग्रीन पार्क स्टेडियम था। स्टेडियम पता किया तो भूपेंद्र वहां नेट प्रैक्टिस करते मिला।
पुलिस ने जब भूपेंद्र से पूछा कि वो घर क्यों नहीं जाना चाहता है? इस पर उसने बताया कि वो क्रिकेटर बनना चाहता है। घरवाले उसे खेलने नहीं जाने देते हैं। उस पर पढ़ाई करने का दबाव बनाते हैं।
नहीं करता था परिजनों को फोन
उसे नौकरी की तैयारी करने के लिए कहा जाता है। उसने क्रिकेट कैंप में जाने के लिए कहा था, लेकिन परिजनों ने इंकार कर दिया। इससे वो नाराज होकर घर से निकल आया।
उसने कानपुर में 3500 रुपए महीने की कोचिंग शुरू कर दी। दो हजार में कमरा भी ले लिया। किसी तरह खाने की व्यवस्था करता था। अब वो यहीं पर अभ्यास कर क्रिकेटर बनना चाहता है। उसने प्रवेश भी ले लिया है।
भूपेंद्र को डर था कि अगर वो फोन करेगा तो परिजन आ जाएंगे। इसलिए वो फोन भी नहीं करता था। घर से निकलने से पहले एटीएम कार्ड ले गया था। उसके खाते में कुछ रकम पड़ी थी, जिसे निकालकर खर्च किया था।