आगरा से एनएच-2 होकर दिल्ली जाने वाली बस सेवा रविवार को भी बंद रही। आठ दिसंबर तक इस रूट से बसों को दिल्ली नहीं भेजा जाएगा। रविवार को मथुरा के लिए कम बसें निकाली गईं। सिरसागंज, कुबेरपुर में जाम लगाए जाने के कारण दोपहर के बाद इस रूट पर भी रोडवेज बसें कम गईं। आईएसबीटी, वाटरवर्क्स और रामबाग पर यात्री दो से तीन घंटे तक बसों का इंतजार करते रहे।
एनएच-2 पर रविवार को रोडवेज बसों का संचालन कम रहा। पांच बसें पलवल तक भेजी गईं। दोपहर बाद मथुरा, फिरोजाबाद, कानपुर की ओर बसें भी इक्का-दुक्का ही निकलीं। इस कारण यात्रियों को मथुरा ही नहीं कानपुर और फिरोजाबाद जाने के लिए भी दो से तीन घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा। रोडवेज के अधिकारियों ने रविवार को ईदगाह से 12 बसों को यमुना एक्सप्रेसवे होकर नोएडा, दिल्ली तक भेजा, लेकिन इससे यात्रियों की दिक्कतें कम नहीं हो सकीं।
सहालग का सीजन होने के कारण इस वक्त यात्रियों की संख्या ज्यादा है, और परिवहन निगम यात्रियों के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था नहीं कर सका। आईएसबीटी पर शाम को भी लखनऊ, कानपुर की बसें नहीं मिल सकीं। एनएच-2 होकर दिल्ली, नोएडा के बीच बसों के नहीं चलने से परिवहन निगम को दो दिन में आठ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। सेवा प्रबंधक अनुराग यादव ने बताया कि बसों के लगातार निरस्त होने के कारण रोजाना करीब चार लाख का नुकसान हो रहा है।