आगरा में अधिगृहीत जमीन वापसी की मांग कर रहे किसान लाठी-डंडे लेकर सड़क पर उतर आए। इनर रिंग रोड के सहारे सड़क पर टेंट लगाकर और ट्रैक्टर खड़ाकर धरने पर बैठ गए। एक लेन जाम हो गया।
आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2009 में रायपुर और रहनकलां मौजा की अधिगृहीत जमीनों को वापस देने की मांग करते हुए रविवार को किसान सड़क पर उतर आए। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सुबह 11 बजे इनर रिंग रोड के सहारे सड़क पर टेंट लगाकर और ट्रैक्टर खड़ाकर धरने पर बैठ गए। एक लेन जाम हो गया। इससे दिल्ली की ओर से लखनऊ एक्सप्रेस-वे और रमाडा की तरफ जाने वाले वाहन फंस गए। फोर्स ने वाहनों को एत्मादपुर में नेशनल हाईवे की तरफ से डायवर्ट किया। रमाडा प्लाजा की ओर से दिल्ली जाने वाले वाहन भी फंसे रहे। एडीए व प्रशासनिक अफसरों ने शाम को किसानों को समझाने की कोशिश की मगर वार्ता विफल हो गई। रात तक किसान धरने पर बैठे हैं।
विज्ञापन
Trending Videos
किसानों का धरना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रहनकलां व रायपुर मौजा के प्रभावित सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से इनर रिंग रोड के सहारे सर्विस रोड पर धरने पर बैठे हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी लाठी-डंडे लेकर शामिल हैं। इनर रिंंग रोड पर लखनऊ की ओर जाने वाली एक लेन पर जाम लगा देने से वाहनों कि कतार लग गई। पुलिस ने टोल प्लाजा से रूट डायवर्जन कर दूसरी साइड से वाहनों को निकलवाया।
किसानों का धरना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा की ओर से आने वाले वाहन भी फंस गए। कई घंटे बीतने के बाद शाम करीब पांच बजे एडीए सचिव श्रद्धा शांडिल्यान, एडीएम सिटी अनूप कुमार, एसडीएम संगम लाल, एडीए नायब तहसीलदार, एसीपी पीयूषकांत राय किसानों से वार्ता करने पहुंचे। लेकिन, किसान धरना समाप्त करने पर सहमत नहीं हुए। किसान नेता प्रदीप शर्मा ने कहा कि मामले में मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
यह है मामला
आगरा विकास प्राधिकरण ने 14 वर्ष पूर्व रायपुर व रहनकलां मौजा के 12 से अधिक गांवों की 444 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की थी, जिसमें 5000 किसान प्रभावित हुए थे। आज तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों के राजस्व अभिलेखों से नाम भी काट दिए गए। किसान कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अब वह अपनी अधिगृहीत जमीनाें को वापस मांग रहे हैं।