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UP: यमुना किनारे बनेगा प्रदेश का पहला मशीनीकृत धोबी घाट, शासन से मिली मंजूरी; जानें क्या होंगी विशेषताएं

Mon, 30 Dec 2024 11:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

यमुना किनारे आगरा में प्रदेश का पहला मशीनीकृत धोबी घाट बनने जा रहा है। इसके लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। इसे तैयार करने में करीब दो करोड़ का खर्चा आएगा। 
 
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प्रदेश का पहला मशीनीकृत धोबी घाट( सांकेतिक फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए घाटों पर चलने वाले धोबी घाटों की जगह नगर निगम मशीनीकृत धोबी घाट बनाएगा। इसकी शासन से मंजूरी मिल गई है। लगभग दो करोड़ की लागत से प्रदेश का पहला मशीनीकृत धोबी घाट आगरा में बनेगा। इसमें डिटरजेंट के पानी को उपचारित करने के बाद यमुना में छोड़ा जाएगा।
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ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) क्षेत्र में बनने वाले धोबी घाट का मकसद यमुना नदी में प्रदूषण को नियंत्रित करना और दिवाकर समाज को बेहतर आजीविका प्रदान करना है। यहां अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से कपड़े धोने और सुखाने की सुविधाएं दी जाएंगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि टीटीजेड क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना शुरू की जा रही है।

 

नगर आयुक्त ने बताया कि मशीनीकृत धोबी घाट में गंदे पानी को नदी में बहाने से पहले उपचारित किया जाएगा। साथ ही, जल पुनर्चक्रण प्रणाली का उपयोग करके पानी की खपत को कम किया जाएगा। इस परियोजना से यमुना नदी की सफाई और टीटीजेड क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति को सुधारने में सहायता मिलेगी।


 

दिवाकर समाज के लिए बेहतर अवसर
नगर आयुक्त ने बताया कि आधुनिक धोबी घाट दिवाकर समाज के लिए नई संभावनाएं खोलेगा। उनकी कार्य क्षमता बढ़ेगी। स्वच्छ और सुरक्षित कार्यस्थल से उनके स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सरकार दिवाकर समाज को नई तकनीक का प्रशिक्षण भी देगी।

 
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प्रमुख विशेषताएं
राज्य का पहला मशीनीकृत धोबी घाट
जल पुनर्चक्रण प्रणाली
डिटर्जेंट के अनियंत्रित उपयोग पर नियंत्रण
पर्यावरण-अनुकूल तकनीक
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