समिति के कर्मचारियों पर लगाया यह आरोप
किसान बुध सिंह, गजेंद्र सिंह, राम किशोर, किशनपाल आदि ने आरोप लगाते हुए कहा कि समिति पर खाद लेने के लिए पहुंचे थे। लेकिन उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो सकी। समिति के कर्मचारियों ने अपने चहेतों को खाद और अधिक शुल्क देने वाले किसानों को डीएपी खाद वितरण की जा रही है। किसानों ने कृषि विभाग अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप एवं किसानों को ठीक से खाद वितरण कराने की मांग की है।
सहकारी समितियों पर पहुंची डीएपी
जिले में 3750 मीट्रिक टन डीएपी पहुंचने के बाद बृहस्पतिवार को सहकारी समितियों और केंद्रों पर पहुंचा दी गई। शुक्रवार को इन केंद्रों से डीएपी किसानों को वितरित की गई। किसान आलू, गेहूं की बुवाई के लिए डीएपी का इंतजार कर रहे हैं। अक्तूबर और नवंबर के लिए निर्धारित 37 हजार मीट्रिक टन डीएपी के सापेक्ष किसानों को महज 13 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई गई। इससे किसानों को परेशान होना पड़ा।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि डीएपी को सहकारी समिति और इफको केंद्रों पर पहुंचा दिया गया है। किसान इसे प्राप्त कर सकते हैं। एक हफ्ते बाद एक और रैक आने वाली है।