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UP: 90 दिन में लाखों की कमाई...बेबी कॉर्न की खेती कर रहे किसान, जमकर हो रही धनवर्षा

Thu, 10 Jul 2025 12:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

Baby corn cultivation: एटा के अवागढ़ विकासखंड क्षेत्र में बेबी कॉर्न की खेती कर किसान लाखों की कमाई कर रहे हैं। 


 
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baby corn - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 किसान संकर मक्का के अलावा बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती भी कर रहे हैं। कम समय में तैयार होने और अधिक मुनाफा देने वाली इन फसलों की खेती से वह मालामाल हो रहे हैं।
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परंपरागत खेती की बढ़ती लागत और कम होते मुनाफे के कारण किसानों का रुझान अब नई और अधिक मुनाफे वाली फसलों की ओर हो रहा है। यही कारण है कि किसान अब देसी एवं संकर मक्का के साथ ही बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती कर रहे हैं। यह फसलें न सिर्फ कम अवधि में तैयार हो जाती हैं बल्कि बाजार में अधिक भाव होने से आय भी परंपरागत फसलों से अधिक हो रही है। अवागढ़ क्षेत्र में लगभग 100 बीघा क्षेत्रफल में इसकी खेती की जा रही है। साधारण मक्का की दर करीब 2000 रुपये प्रति क्विंटल रहती है। वहीं, बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न होटल, रेस्तरां आदि में सप्लाई की जाती है। इसका भाव 8 से 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल मिल जाता है।

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सलाद और अचार के साथ ही अन्य व्यंजनों में होता है इसका उपयोग
बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न का उपयोग सलाद व अचार के साथ पिज्जा बनाने में भी किया जाता है। स्वीट कॉर्न का दाना मीठा होने के कारण इसका सूप बनाया जाता है। यह पौष्टिक होने के चलते स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। गांव पुन्हैरा निवासी किसान रामसेवक ने बताया कि इस फसल को किसी भी मौसम में कर सकते हैं जिसकी वजह से नुकसान की आशंका कम रहती है। कुछ लोग ठेका लेकर खेती करते हैं, जिससे और लाभ होता है। पिपहरा निवासी किसान पंचम सिंह ने बताया कि साधारण फसलों में अधिक लाभ नहीं होता। इस फसल की बात करें तो काफी बचत हो जाती है।

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जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि यह फसल 70 से 90 दिन के अंदर तैयार हो जाती है। महानगरों में इसकी अधिक मांग होने से भाव भी अच्छा मिलता है। फिलहाल विभाग की ओर से जिले में किसानों के लिए इस फसल के संबंध में कोई योजना नहीं आई है। प्रयास है कि जल्द ही कोई योजना लाकर किसानों को लाभ दिलाया जाए। यह फसल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है।
 
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