टूंडला/नगला बीच (फिरोजाबाद)। हाथरस से फिरोजाबाद के लिए निकली हाथरस माइनर में शनिवार को अचानक पानी छोड़े जाने से टूंडला तहसील के लगभग आधा दर्जन से अधिक गांवों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों की आलू, गेहूं आदि की फसलों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
थाना नारखी क्षेत्र के गांव राजमल, ढकई, रामपुर आदि गांवों के ग्रामीण शनिवार सुबह खेतों की ओर निकले तो खेतों में पानी भरा देख दंग रह गये। उनके आलू, गेहूं आदि की फसलें जलमग्न थीं। किसानों के शोर मचाने पर किसान व उनके परिजन खेेतों की ओर दौड़ पड़े। नहर विभाग द्वारा शुक्रवार रात में अचानक हाथरस माइनर में पानी छोड़ दिया था। जिससे राजमल, ढकई-रामपुर सहित लगभग आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों बीघा गेहूं व आलू की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने माइनर की कटी खंदी से खेतों में जा रहे पानी को रोकने का प्रयास किया, किंतु सफलता नहीं मिली। तब किसानों ने भाकियू (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के माध्यम से नहर विभाग को अवगत कराया।
सुबह 11 बजे करीब नहर विभाग के अवर अभियंता व जेसीबी मौके पर पहुंची। तब जाकर कटी माइनर से पानी रोका जा सका। इस बीच करीब दो सौ बीघा फसलों में पानी भर चुका था। फसलों में पानी भरने व जलमग्न होने की सूचना पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह और जिलाध्यक्ष निकुंज ठाकुर अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। नहर विभाग की लापरवाही को लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
भाकियू भानु ने किया चक्का जाम
टूंडला। भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने एक अक्तूबर और 10 नवंबर को हाथरस माइनर में पानी को लेकर आगरा-बरेली मार्ग पर 40 घंटे के लिए चक्का जाम कर दिया था। अधिकारियों द्वारा माइनर में पानी आने के आश्वासन पर ही जाम खोला गया था। अधिकारियों के बताए समयानुसार माइनर में पानी छोड़ दिया गया। मगर माइनर की साफ-सफाई न होने, नहर की पटरी टूटी होने की पूरी रोकथाम न करने से पहले ही नहर में अचानक पानी आने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई।
इन किसानों की फसलों का हुआ नुकसान
टूंडला। हाथरस माइनर से अजय पुत्र रघुवीर के 10 बीघा आलू, रिशाल सिंह पुत्र रोशनलाल के पांच बीघा आलू, रूकमपाल पुत्र मटरूमल के छह बीघा गेहूं, सुनीता पत्नी वीरपाल पांच बीघा गेहूं, सीमा पत्नी दीपक के दो बीघा आलू, सलीम खां के आठ बीघा आलू, केशव लल्लू साहब छह बीघा गेहूं, संजू पुत्र ओमप्रकाश तीन बीघा गेहूं, धीरेन्द्र पुत्र निरपत के गेहूं, संजय कुमार पुत्र महावीर प्रसाद, सतीश पुत्र रामबाबू, विजेन्दर पुत्र मौजीराम, दिलीप कुमार पुत्र महावीर प्रसाद, रविकुमार पुत्र महावीर आदि किसानों की लगभग डेढ़ सौ से दो सौ बीघा फसल जलमग्न हो गयी।
- माइनर की साफ-सफाई पूरी नहीं हो पायी थी। मनरेगा मजदूर कार्य कर रहे हैं। जंगली जानवरों ने माइनर की पटरी में होल कर दिए थे, जिससे पटरी कट गयी तथा फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों को भी टूटी पटरियां देखनी चाहिए थी। - कामिनी, अवर अभियंता, नहर विभाग, फिरोजाबाद।