बाह के खेड़ा राठौर के देवीसिंह पुरा गांव में बुधवार की सुबह जान बचाने के लिए 50 साल का किसान रामसिया जंगली सूअर से 15 मिनट तक लड़ा। आलू के खेत से भगाने के प्रयास पर जंगली सूअर उन्हें सरसों के खेत में खींच ले गया। चीखपुकार पर पहुंचे ग्रामीणों ने लाठी डंडों से उसे खदेड़ा तो घर में घुसकर उनकी बहू सविता पर हमला कर सिर में कई जगह काट लिया।
सूअर को भगा रहे थे
देवीसिंह पुरा के रामसिया ने बताया कि उनका घर और खेत पास में है। बुधवार की सुबह खेत में घुसे जंगली सूअर को भगा रहे थे। तभी उसने ठोकर मार कर सरसों के खेत में गिरा लिया। जंगली सूअर पैर को नौच रहा था, हाथ से उसे पकड़ कर पैर छुड़ाने का प्रयास किया तो बांह में काट लिया। करीब 15 मिनट तक जान बचाने के लिए जंगली सूअर से जूझता रहा।
किसानों ने खदेड़ा सूअर
किसानों ने लाठी-डंडों से उसे खदेड़ कर जान बचाई। खेत से निकला जंगली सूअर उनके घर में घुस गया और बेटे देवेन्द्र की पत्नी खुशबू पर पीछे से हमला कर दिया। उसे सिर में कई जगह काट लिया। खुशबू की चीख पर एक जुट हुए परिजन ने जंगली सूअर को भगा कर उसको बचाया। आनन फानन में दोनों को उपचार के लिए बाह सीएचसी पर भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस से एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के लिए भेज दिया।
एक दिन पहले भी किसानों के पीछे भागा था, दहशत
देवीसिंह पुरा में मंगलवार को भी जंगली सूअर किसानों के पीछे भागा था। घर में घुस कर हमला किए जाने से गांव में दहशत है। रामसिया की पत्नी गुड्डी देवी ने बताया कि जंगली सूअर आलू, सरसों, गेंहू की फसल में नुकसान तो कर ही रहे हैं, खेत ही नहीं घर में भी ग्रामीण किसान सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने वन विभाग से जंगली सूअर को पकड़वाने की मांग की है। बाह के रेंजर अमित कुमार ने बताया कि टीम भेज कर जंगली सूअर को पकड़वाने का प्रयास किया जाएगा।