मृतका फाइल फोटो और पुलिया जहां हुआ हादसा
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आगरा स्मार्ट सिटी में सड़कें भी सुरक्षित नहीं। मौत के मैनहोल खुले पड़े हैं। अफसर मूकदर्शक बने हैं। यह स्थिति तब है जब मॉडल रोड बनाई जा रही हैं। नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही से नाले की टूटी पुलिया में गिरने से मंगलवार रात एक घर की खुशियां उजड़ गईं। तीन बच्चे अनाथ हो गए। पत्नी विधवा हो गई। पिता बेसहारा हो गए।
प्रकाश नगर निवासी राजेश की टूटी पुलिया में स्कूटर गिरने से सिर में चोट आई। सड़क पर ही मौत हो गई। नगर निगम की लापरवाही ने एक जिंदगी छीन ली। उधर, परिजन ने चीफ इंजीनियर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कराने की मांग उठाई है। पूर्व पार्षद राहुल चौधरी ने बताया कि नगर निगम व प्रशासनिक अधिकारियों को टूटी पुलिया की मरम्मत के लिए बार-बार शिकायत दर्ज कराई थी।
अधिकारियों ने प्रार्थनापत्रों का रद्दी की टोकरी में डाल दिया। नतीजा एक हंसते खेलते घर की खुशियां छिन गई।इधर, मारुति एस्टेट चौराहा स्थित सुलहकुल नगर मोड़ पर सीवर का मैनहोल तीन महीने से टूटा है। रात के अंधेरे में जरा सी चूक जानलेवा हो सकती है। इसके अलावा बोदला-सिकंदरा रोड पर लाल मस्जिद के सामने 15 दिन तक मैनहोल टूटा पड़ा रहा। क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर ढक्कन रखा गया।
सुपरवाइजर निलंबित
शंकरगढ़ की पुलिया पर हुए हादसे के बाद नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने अवर अभियंता पवन कुमार के निलंबन की संस्तुति शासन से करते हुए निर्माण सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता, जोनल अधिकारी अवधेश कुमार और जेडएसओ राजीव बालियान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ब्यूरो