प्रसिद्ध झू मेला: हुरियारों ने किया शक्ति प्रदर्शन, लोहरी पार्टी बनी विजेता
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ताजनगरी आगरा में मंगलवार को परंपरागत झू मेले का आयोजन हुआ। यह आयोजन जगनेर ब्लाक के सरैंधी गांव में पूर्वज अचलम बाबा मंदिर पर हुआ। इसमें हजारों लोग एकत्र हुए। इस दिन हनुमान रूप में लोग लंगोटी पहनकर एकत्र होते हैं। शक्ति प्रदर्शन करते हुए दंगल करते हैं। इस तरह होली मनाते हैं। इस अनूठी होली का आनंद लेने दूर दूर से लोग आते हैं। इसमें गांव के लोग छ गुट में बंटते हैं। फिर लोहारी पार्टी, थोक, हवेली, तिहाय समेत 24 थोक मोहल्लों के लोग एक अलग तरह से उत्सव मनाते हैं।
बुजुर्ग बताते हैं कि लाखन सिंह गांव का जागीरदार बाबा अचलम सिंह को नियुक्त कर गए हैं। अचलम सिंह गांव के मध्य बने अपने स्थल पर दरबार लगाकर लोगों को न्याय देते थे। होली की पडवा के दिन यहां दरबार में झू का दंगल लगा है। इसका विशेष महत्व है।
हुरियारों ने किया शक्ति प्रदर्शन
सुबह गुलाल की होली खेलने के बाद हुरियारे नहा-धोकर हनुमान रूपी वेशभूषा में लंगोटी पहनकर अपने घरों के बाहर खड़े हो हुए । दूसरी तरफ गांव का नट ढोल नगाड़ा बजाते हुए पूरे गांव की परिक्रमा करना शुरू किया। गांव के लोग नट के पीछे जुड़ते हुए बाबा अचलम के दरबार पहुंचे।
यहां दरबार के बीचोबीच बने गेट में ग्रामीण दो भागों में बट गए। उन्होंने शक्ति प्रदर्शन शुरू किया। इसमें दरबार के गेट के दूसरे हिस्से में एक गुट को तीन बार गुजरना पड़ता है। इस दौरान हर गुट एक-दूसरे को अपने हिस्से में आने से रोकने का प्रयास करता है।
लोहरी पार्टी बनी विजेता
विजय पाने के लिए एक गुट को दूसरे गुट को पीछे करते हुए उसके भाग से दो बार जाना पड़ता है। इस दौरान उनके ऊपर पानी की बौछार जारी रहती है। इसे बाबा अचलम का आर्शीवाद समझा जाता है। इस बार के झू मेले में लोहरी पार्टी ने जीत दर्ज की। इस अनोखे दंगल को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचते हैं।
दौज को लगता है दरबार
होली के दौज के दिन गांव के राजा, वीरेंद्र सिंह गांव में बने अचलम बाबा मंदिर के सामने बने चबूतरे पर बैठते हैं। लोगों का न्याय करते हैं। साथ ही गांव के विकास कार्यों की चर्चा करते हैं। इसके बाद सम्पूर्ण गांव में होली का समापन हो जाता है।