घटना से आक्रोशित परिजन ने शव को सड़क पर रखकर ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया और करीब दो घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने शांत कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऑपरेशन थिएटर सील कर दिया है। नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
उधर, अस्पताल संचालक धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि आरोप निराधार हैं, गंभीर हालत में प्रसूता को दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
नहीं मिली इलाज की फाइल
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रसूता की मौत की जानकारी पर टीम को जांच करने के लिए भेजा। मौके पर स्टाफ नहीं मिला। अस्पताल में कोई मरीज नहीं मिले, पूछताछ में पता चला कि तीमारदार अपने मरीज को लेकर चले गए हैं। टीम ने संचालक धर्मेंद्र कुमार चौधरी को फोन कर बुलाया। उनसे मरीज के इलाज की फाइल मांगी तो उन्होंने बताया कि प्रसूता के रेफर करते वक्त साथ भेज दी थी। पूछताछ में संचालक ने बताया कि प्रसव डॉ. अनुष्का पचौरी ने कराया है। इस पर टीम ने उनसे भी फोन पर बात की। ऑपरेशन थिएटर सील करते हुए अस्पताल में मरीज भर्ती पर रोक लगा दी है। मामले की जांच करा रहे हैं।
मासूम से छिना मां का साया
जितेंद्र की दो बेटियां प्रिया (6) और रिया (3) पहले से हैं। प्रसव के कुछ ही घंटों बाद प्रसूता की मौत से घर में मातम छा गया है। नवजात के साथ दो मासूम बच्चों के सिर से भी मां का साया छिन गया।
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