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मथुरा हादसा: अपनों की तलाश में भटक रहे लोग, भाई तो किसी का बेटा लापता; सिसकते घरवाले...रुला देगा ये वीडियो

Wed, 17 Dec 2025 01:34 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में यमुना एक्स्प्रेस-वे पर हुए हादसे में 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इनकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं लापता लोगों को परिजन भी मथुरा पहुंच रहे हैं। शिनाख्त के लिए डीएनए का सहारा लिया जाएगा। जिसके लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। 
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पोस्टमार्टम हाउस पर सिसकते परजिन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में कितनों ने अपनों को खोया है, यह बुधवार को भी साफ नहीं हो सका है। अब तक केवल तीन लोगों की ही शिनाख्त हो सकी है, जबकि 20 लोग अब भी लापता हैं। मोबाइल, लगेज और पहचान के दस्तावेज आग में जल जाने से परिजन असहाय होकर अपने अपनों की तलाश में भटक रहे हैं।
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मंगलवार तड़के हुए हादसे के बाद से बसों में सफर कर रहे यात्रियों, गाड़ियों के चालक, परिचालक, क्लीनरों के परिवारीजन अस्पतालों, पोस्टमार्टम गृह और पुलिस कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन किसी के पास कोई पुख्ता जवाब नहीं है। मोबाइल बंद हैं, संपर्क के रास्ते टूट चुके हैं। आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी लिए परिजन बस एक ही सवाल कर रहे हैं, हमारे अपने कहां हैं? बुधवार को पोस्टमार्टम गृह में 20 से अधिक परिजन जानकारी करने पहुंचे।



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हमीरपुर के गुहांड निवासी ब्रजभाग सुबह 11 बजे अपने 28 वर्षीय बेटे देवेंद्र की तलाश में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया कि देवेंद्र सोमवार रात करीब आठ बजे नोएडा के लिए स्लीपर बस (यूपी 17 एटी 8577) से निकला था। मंगलवार रात नौ बजे तक बात हुई, फिर संपर्क टूट गया। देवेंद्र परिवार का इकलौता कमाने वाला था, जिसकी शादी पिछले वर्ष फरवरी में हुई थी। फतेहपुर के राजकुमार अपने भाई नरेंद्र यादव को खोजते हुए पहुंचे। नरेंद्र नोएडा में हलवाई की दुकान पर काम करते थे। वह कानपुर के नौबस्ता से डबल डेकर बस में सवार हुए थे। रात दो बजे तक बात हुई, इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया।  संभल जिले के बहजोई निवासी जगदीश पाल अपने 30 वर्षीय बेटे पंकज कुमार की तलाश में पहुंचे। पंकज लक्ष्मी होलीडे कंपनी की डबल डेकर बस (एआर 11 डी 3100) से सवार थे, लेकिन दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। बांदा के राजीव अपने 15 वर्षीय भतीजे ऋषभ की तलाश में दो दिनों से भटक रहे हैं। ऋषभ लापता हैं, जबकि उनके पिता देवराज गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।

जिला बस्ती के रहने वाले दीपक पांडे अपने भाई ओंकार पांडे की तलाश में हैं, वहीं रजा हुसैन अपने भाई मोहम्मद सलीम को खोजते हुए पोस्टमार्टम गृह पहुंचे। परिजन का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के पास फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं है। न पहचान हो पा रही है, न यह बताया जा रहा है कि उनके अपने जीवित हैं या नहीं। हर गुजरते घंटे के साथ उम्मीद और आशंका के बीच परिजन की पीड़ा और गहरी होती जा रही है। हादसे ने सिर्फ जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि कई घरों से चैन और नींद भी छीन ली है।






 
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अनुज की तलाश में भाई
कानपुर की सेवा ग्राम कालोनी गोविंद नगर निवासी अनुज श्रीवास्तव 32 पुत्र उमाकांत के भाई शुभम और उनके भाई की पत्नी पूजा श्रीवास्तव हादसे की सूचना के बाद उन्हें खोज रहे हैं। मगर अब तक उनका कुछ पता नहीं चल सका है। वहीं, हमीरपुर, राठ निवासी पार्वती 42 की तलाश में उनके पति गोविंद, बेटा आकाश और देवर गुलजारी भटक रहे हैं। मगर अब तक उन्हें पार्वती के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पा रही है। जबकि उसके साथ बस में यात्रा कर रहे दो बच्चे घर पहुंच गए हैं।

रोडवेज बस चालक भी है लापता
टांडवा जलाल आंबेडकर नगर के रहने वाले सुनील कुमार पुत्र रामलाल जो कि रोडवेज बस चालक थे। आंबेडकरनगर की डिपो बस को लेकर दिल्ली आ रहे थे। परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ उनके परिजन खोज रहे हैं। उनके साथ अन्य चालक रामअवध राम और परिचालक गिरीश मिश्रा घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं।
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