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Agra: नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत, परिजनों का आरोप- पिटाई से गई जान, पुलिस को दी तहरीर

Tue, 09 Aug 2022 06:54 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

परिजनों ने शराब की लत छुड़ाने के लिए युवक को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। सात अगस्त को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ की पिटाई से युवक की मौत होने का आरोप लगाया है। 
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बॉबी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की सात अगस्त को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी। बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया। सोमवार रात को परिजनों ने केंद्र में पिटाई से युवक की जान जाने का आरोप लगाया। हंगामा कर दिया। इस पर पुलिस पहुंच गई। मामले में परिजनों ने तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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युवक बाबी राठौर (23) शमसाबाद के गोपालपुरा का रहने वाला था। एक निजी कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर था। पिता ताराचंद मजदूरी करते हैं। चाचा रामकुमार ने बताया कि भतीजा बॉबी शाम के समय शराब का नशा कर लेता था। इस पर उसका इलाज कराना चाहते थे। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि सिकंदरा स्थित नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दें। इस पर केंद्र पर आकर बात की।

सात अगस्त को हुई थी मौत 

तीन अगस्त की रात 11:30 बजे बॉबी को केंद्र में भर्ती करा दिया। केंद्र संचालक ने एक महीने के साढ़े आठ हजार रुपये लिए। तीन महीने तक भर्ती कराने पर पूरी तरह से नशे की लत छुड़ाने का दावा किया गया। सात अगस्त की सुबह एक नंबर से कॉल आया। बताया कि बॉबी को हार्ट अटैक आया है। उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भर्ती कराया है। इस पर वो पहुंच गए। वहां पता चला कि बॉबी की मौत हो चुकी है। 

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नशा मुक्ति केंद्र में पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
घटना से परिवार में कोहराम मच गया। बॉबी के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे। इसका पता अंतिम संस्कार के समय चल सका। इससे उसके साथ मारपीट की आशंका जताई। मगर, पुलिस को सूचना नहीं दी जा सकी, जिससे पोस्टमार्टम हो सके। सोमवार रात को परिजन नशा मुक्ति केंद्र में बात करने आए थे, जहां कर्मचारियों के ठीक से बात नहीं करने पर हंगामा हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई।

नहीं कराया था शव का पोस्टमार्टम

चाचा का कहना था कि केंद्र में बॉबी को टार्चर किया गया था। पिटाई करने से उसकी जान चली गई। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उधर, थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र में युवक को भर्ती कराया गया था। उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पिटाई से मौत का आरोप लगाया है। शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। मामले में जांच की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को कब्जे में ले लिया है। 

पहले भी हो चुकी हैं मौत

नशा मुक्ति केंद्र में मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कालिंदी विहार स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत के बाद बवाल हुआ था। परिजनों ने संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी। इससे पहले भी सिकंदरा के रुनकता स्थित एक केंद्र में मौत हो चुकी है।
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स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण जरूरी

नशे की लत को छुड़ाने के लिए गली-मोहल्लों में केंद्र खुल गए हैं। इनमें प्रति माह पांच से आठ हजार रुपये लिए जाते हैं। इनमें योग, ध्यान और काउंसिलिंग से ही नशा छुड़ाने के दावे किए जाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव के मुताबिक, नशा मुक्ति केंद्र में मनोचिकित्सक होना चाहिए। काउंसिलिंग के लिए काउंसलर होना जरूरी है। केंद्र को स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत कराया जाना चाहिए।

एक युवक ने कहा, बॉबी की हुई पिटाई 

रामकुमार का कहना है कि केंद्र में पवन नामक युवक भी भर्ती था। उससे मिलने के लिए उसके पिता आए थे। मगर, केंद्र के कर्मचारी मिलने नहीं दे रहे थे। इस पर उन्होंने किसी तरह पवन को बाहर निकलवाया। उन्होंने उससे बॉबी के साथ हुई घटना की जानकारी ली। उसने बताया कि बॉबी को पीटा जा रहा था। उसकी छाती पर मारा गया था। इससे वो रात भर सो नहीं सका था। पवन का वीडियो भी परिजनों ने बनाया है।
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