हॉस्पिटल के बाहर जुटी लोगों की भीड़
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आगरा में यमुनापार के कालिंदी विहार स्थित लोकहितम हॉस्पिटल में महिला मरीज की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीमारदारों को शांत कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी है।
डौकी के नगला आमहौद निवासी सुभाष वर्मा ने बताया कि उनकी मां किरन देवी के पेट में दर्द रहता था। इस पर 22 जून को कालिंदी विहार स्थित लोकहितम हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने जांच कराने पर पेट में कपड़ा (स्पंज) होने की बात बताते हुए ऑपरेशन करने के लिए कहा। उसी दिन शाम को करीब चार बजे मां का ऑपरेशन कर दिया। घंटेभर बाद मां को ऑपरेशन थिएटर से आईसीयू में भर्ती कराया। इसके बाद स्टाफ ने मां से मिलने नहीं दिया। हाल पूछने पर स्टाफ कहता कि मरीज ठीक है, मिलोगे तो परेशानी हो जाएगी। शुक्रवार को करीब आठ बजे स्टाफ ने बताया कि मरीज की हालत खराब है और फिर बताया कि मौत हो गई। मौत की वजह पूछने पर डॉक्टर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
छह महीने पहले कराया था रसौली का ऑपरेशन
मृतका के पति भोलेराम ने बताया कि छह महीने पहले पत्नी के रसौली हो गई थी। इस पर शहीद नगर स्थित अस्पताल में रसौली का ऑपरेशन कराया था। इसके बाद से पेट का दर्द बंद नहीं हो रहा था। लोकहितम हॉस्पिटल में जांच कराने पर डॉक्टर ने पेट में कपड़ा बताया था, कहा कि जहां पहले ऑपरेशन कराया था, उसी दौरान पेट में कपड़ा छोड़ दिया गया है।
सेप्टिक शॉक से हुई मौत
लोकहितम हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सौरभ उपमन्यु ने बताया कि मरीज का पहले किसी अन्य अस्पताल में रसौली का ऑपरेशन हुआ था। यहां अस्पताल में मरीज गंभीर हाल में भर्ती हुई थी। जांच में इनकी आंत से स्पंज चिपका मिला, जिससे संक्रमण हो गया था। ऑपरेशन से पहले तीमारदारों को इसकी जटिलता भी बता दी थी, ऑपरेशन का वीडियो भी बनाया। मरीज सेप्टिक शॉक में चली गई, जिससे उसकी मौत हो गई। ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है।