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जिस युवक की हत्या का चल रहा केस, वो सात साल बाद लौटा घर, सामने आया चौंकाने वाला सच

Tue, 26 May 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • पिता ने पड़ोसियों को फंसाने के लिए दर्ज कराई थी रिपोर्ट
  •  सात साल बाद घर लौटा युवक तो हुआ मामले का खुलासा
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पुलिस ने युवक से की पूछताछ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा जिले में जिस किशोर के अपहरण और हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वो लॉकडाउन के कारण सात साल बाद घर लौटा तो गांव वाले हैरान रह गए। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने सच बोल दिया कि पिता ने पड़ोसियों को फंसाने के लिए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अब पिता के खिलाफ केस दर्ज करेगी।
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मामला थाना जगनेर क्षेत्र के चंद्रसौरा गांव का है। वर्ष 2013 में अजय पुत्र बनवारी गांव के विष्णु शर्मा, ललित के साथ बेलगांव, कर्नाटक गया था। वहीं से वह लापता हो गया था। 


विष्णु और ललित ने गांव आकर इसकी सूचना दी। इस पर बनवारी लाल का ललित के परिवार से झगड़ा भी हुआ था। बनवारी सहित चार के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज करा दिया गया।
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इन लोगों पर दर्ज कराई थी रिपोर्ट

चार जनवरी 2015 को बनवारी ने थाना जगनेर में रामविलास, ललित, विष्णु, हरगोविंद के अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। साक्ष्य के अभाव में चार नवंबर 2015 में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा देने पर दोबारा विवेचना के आदेश भी दिए गए थे। 

इसके बाद 22 दिसंबर 2017 को फिर से एफआर लगा दी गई जिसकी आपत्ति भी न्यायालय में विचाराधीन है। सात साल बाद जब अजय घर लौटा तो ग्रामीण हैरान हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।  


ढाबा बंद हो गया... इसलिए घर आना पड़ा

लॉकडाउन के कारण अजय घर आ गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने थाने लाकर उससे पूछताछ की। प्रभारी निरीक्षक जगनेर कुशलपाल सिंह ने बताया कि वो ढाबे पर काम कर रहा था। ढाबा बंद हो गया। लोग उससे पूछने लगे कि वो घर क्यों नहीं जा रहा है। इस कारण उसे घर आना पड़ा।
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बेलगांव में था बेटा... पिता को जानकारी थी

अजय बेलगांव में ढाबे पर काम कर रहा था। इसकी जानकारी उसके पिता बनवारी को थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि अजय ने पूछताछ में यह कुबूल किया है। 

पिता ने उसे बता दिया था कि उसके अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उससे आने के लिए मना किया गया था। अजय ने कहा कि जैसा पापा ने कहा, वैसा उसने किया। पापा को पड़ोसियों से रंजिश का बदला लेना था।

पिता बोले, नहीं थी बेटे की जानकारी

सात साल बाद जवान बेटे के अचानक मिल जाने से बनवारी लाल खुश हैं। हालांकि पुलिस की कार्रवाई ने उन्हें परेशान कर रखा है। बताया कि उन्हें बेटे के बारे में इतने साल तक कोई जानकारी नहीं थी। अभी कुछ दिन पहले ही उसके बारे में जानकारी हुई, तो पुलिस को बताया था। साथ ही घर आने पर उन्होंने खुद पुलिस को सूचना भी दी थी।

थाना प्रभारी निरीक्षक कुशलपाल ने बताया कि अजय को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। उसके पिता ने झूठा केस दर्ज कराया था। इसके लिए उन पर कार्रवाई की जाएगी। 
 
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