आगरा स्थित केंद्रीय हिंदी संस्थान के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग के छात्र-छात्राओं को संस्थान की ओर से जून माह की भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। उनके खाने-पीने का खर्च संस्थान ही उठाएगा। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से अनुमति मिल गई है।
संस्थान में अभी भी 16 देशों के 43 छात्र-छात्राएं हैं। संबंधित देशों के लिए फ्लाइट अभी शुरू नहीं हुई हैं। न ही दूतावासों से कोई पत्र विद्यार्थियों को घर भेजने के लिए मिला है।
'सामान्य हालात में मई तक की ही छात्रवृत्ति दी जाती है'
संस्थान ने छात्र-छात्राओं को सूचित कर दिया था कि एक जून से उन्हें अपना खर्च खुद उठाना होगा, संस्थान हॉस्टल में रहने की सुविधा ही उपलब्ध कराएगा। सामान्य हालात में मई तक की ही छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।