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बीएड फर्जीवाड़ाः एसआईटी की सूची से परिषदीय स्कूलों में फर्जी शिक्षकों की तलाश

Mon, 25 May 2020 01:35 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

प्रधानाध्यापकों से हफ्ते भर के अंदर जानकारी देने को कहा
 
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Fake Teacher
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विस्तार
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एसआईटी (विशेष जांच दल) की ओर से तैयार डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी और टेंपर्ड अभ्यर्थियों की सूची में शामिल परिषदीय शिक्षकों की तलाश प्रत्येक स्कूल में कराई जा रही है। बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से हफ्ते भर के अंदर जानकारी मांगी है। 249 शिक्षक पहले से चिह्नित हैं, इसमें से 24 को बर्खास्त भी किया जा चुका है।
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बीएसए राजीव कुमार यादव ने प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी को एसआईटी की ओर से जारी 4704 (3652 फर्जी व 1052 टेंपर्ड) की सूची उपलब्ध कराई है। इसके आधार पर शिक्षकों की तलाश करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। जिले में पूर्व में चिह्नित 249 (54 टेंपर्ड व 195 फर्जी) के अतिरिक्त संबंधित सत्र के बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों का एसआईटी की सूची से मिलान करना है। यदि किसी शिक्षक का नाम सामने आता है तो उसकी मार्कशीट संलग्न करके बीएसए को भेजना है।

बीएड फर्जीवाडाः फर्जी प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की संशोधित सूची जारी, अब 249 हुई संख्या
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बीएसए के निर्देश की कड़ी में खंड शिक्षा अधिकारियों ने सभी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि वह हफ्ते भर के अंदर खुद के साथ विद्यालय में तैनात बाकी शिक्षकों की रिपोर्ट उपलब्ध करा दें। यदि कोई शिक्षक विश्वविद्यालय के संबंधित सत्र का है तो उसकी अंकतालिका अभी भेजी जाए। नगर क्षेत्र की खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से 23 मई को पत्र जारी किया गया है।
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बीएसए राजीव कुमार यादव का कहना है कि चिह्नित 249 शिक्षकों के अलावा कुछ और शिक्षकों का नाम एसआईटी की सूची में शामिल तो नहीं है, यह जानकारी करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को एसआईटी की सूची सौंपकर शिक्षकों का मिलान करने का निर्देश दिया गया है।

व्हाट्सएप के माध्यम से मांगी गई जानकारी
शिक्षकों के संबंध में जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से मांगी गई है। यह कहा गया है कि यदि किसी विद्यालय से सूचना नहीं दी जाती है तो यह माना जाएगा कि वहां संबंधित सत्र का कोई शिक्षक तैनात नहीं है। बाद में विभागीय जांच में यदि किसी शिक्षक का नाम सामने आता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक को उत्तरदायी माना जाएगा।
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