लॉकडाउन में लोहा व्यवसाय को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। करीब 60 दिन पूर्व फैक्टरियों से निकला 1.5 करोड़ रुपये कीमत का औसतन 250 टन लोहा रास्ते मे अटका हुआ है। वहीं अब तक 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
ताजनगरी में लोहे का बड़ा काम होता है। मुख्य रूप से लोहामंडी इसका गढ़ है। शोर-शराबे वाला बाजार इस समय पूरी तरह से शांत पड़ा हुआ है। लॉकडाउन के कारण लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। कारोबारी बताते हैं कि इस संकट के कारण करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। इतना ही नहीं, रायपुर, मुजफ्फरपुर, जयपुर, गाजियाबाद की फैक्टरियों से निकला माल दुकान में नहीं पहुंच पाया है।
सेवला जाट, फिरोजाबाद रोड, गुरुद्वारा आदि जगह पर ट्रकों में ही लदा पड़ा है। इन्हें अनलोड करने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते फैक्टरी संचालक पेमेंट मांग रहे हैं। इधर, लगातार डैमेज बढ़ता जा रहा है।