उत्तर प्रदेश के आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने त्योहारों को देखते हुए चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान शरीर को मजबूती देने वाले दाल, दूध, घी और पनीर के नमूने भी फेल निकले। एक तरफ डायटीशियन-चिकित्सक भी अच्छी डाइट लेने की सलाह देते हैं। दूसरी ओर मिलावट-नकली के कारण बीमारियां पनप रही हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में 65.81 फीसदी नमूने फेल मिले। दूध-घी नकली और दाल-नमकीन में कीड़े मिले हैं।
| खाद्य सामग्री | नमूने | फेल |
| दूध | 311 | 86 |
| खोया | 115 | 15 |
| पनीर | 114 | 12 |
| मसाले | 192 | 14 |
| मिठाई | 147 | 13 |
| सरसों का तेल | 69 | 05 |
| दाल | 66 | 04 |
| नमकीन | 68 | 03 |
| गुटखा | 15 | 02 |
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता का कहना है कि मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री से किडनी, लिवर और हृदय रोग के मामले बढ़ रहे हैं। लंबे समय तक इनके खाने से ये बीमारियां पनप रही हैं। पेट रोग में अपच, अल्सर की भी शिकायतें मिल रही हैं। उच्च रक्तचाप और मधुमेह का भी खतरा रहता है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि मिलावटी सामान की शिकायत टोल फ्री नंबर (18001805533) पर सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कर सकते हैं। इस पर जांच करने के लिए टीम जाएगी और नमूने लेगी। इसके अलावा कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में भी शिकायत की जा सकती है।