पहली बार जमीन पर कब्जा करने और 35 वर्ष से रह रहे परिवार को बेदखल करने के लिए आरोपी हथियारों से लैस होकर आए थे। इसके बाद भी उनकी नहीं चली तो पुलिस से सांठगांठ की गई।
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आगरा में करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास पहले भी हुआ था। मगर, विफल होने पर पुलिस से सांठगांठ की गई। 35 वर्ष से रह रहे परिवार को जेल भिजवा दिया। पैरवी करने वालों को हथियारों के बल पर चुप बैठा दिया गया। घर में रखा सामान लूट ले गए। जमीन स्वामी ने अपनी तहरीर में कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
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उमा देवी ने पुलिस को तहरीर दी है। लिखा है कि उनके नाम गाटा संख्या 235क, 237क, 235मि, 239, 238, 240क, 240 मि है। उनके ससुर सरदार टहल सिंह व पति जसवीर सिंह की मृत्यु हो चुकी है। अब वह जमीन की स्वामी हैं। ससुर ने ही दीनानाथ कुशवाह के बेटे रवि और शंकरलाल को उर्फ शंकरिया को 35 वर्ष पहले जमीन पर देखरेख के लिए रखा था। वर्ष 2017 में भी भू माफियाओं ने कब्जा करने का प्रयास किया था। मगर, विफल रहे थे। जगह पर दो कमरे, गैलरी व दो कोठरी पक्की बनी हैं।
आरोप है कि कब्जे के लिए कमल चौधरी, उनका बेटा धीरू चौधरी खंदौली वाले आदि ने षड्यंत्र किया। तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने रवि कुशवाह और परिवार के लोगों को जेल भेजा। 20 अक्तूबर 2023 को रात 11 बजे कमल चौधरी व अन्य हथियारों के साथ आए। हथियार लहराते हुए कब्जा कर लिया। घर में रखे टीवी, फ्रिज, डबलबेड, पंखे, कूलर, सोने-चांदी के आभूषण, नकदी लूट ले गए। जान से मारने की धमकी दी। इससे परिवार डर गया। घटना से सभी रोष में हैं।