एसटीएफ तीन महीने में 6 बार कलेक्ट्रेट स्थित आयुध कार्यालय जा चुकी है, लेकिन टीम को पत्रावलियां नहीं मिल पा रही हैं। इस वजह से जांच भी आगे नहीं बढ़ पा रही है।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही एसटीएफ को कलेक्ट्रेट स्थित आयुध कार्यालय से 6 पत्रावलियों की तलाश है। तीन महीने में 6 बार एसटीएफ टीम कार्यालय पहुंच चुकी है, लेकिन उसे पत्रावलियां नहीं मिल रहीं।
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अगस्त 2025 में आगरा में फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण सामने आया था। जिसमें डीएम की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर से शस्त्र लाइसेंस जारी हो गए थे। इन लाइसेंसों पर अवैध विदेशी हथियार भी चढ़ गए। शासन के निर्देश पर एसटीएफ की जांच में खुलासा होने के बाद जांच आगे नहीं बढ़ पा रही।
कलेक्ट्रेट में तैनात असलहा बाबू के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज है। प्रकरण की तह तक पहुंचने के लिए एसटीएफ को 6 पत्रावलियों की जरूरत है। इन पत्रावलियों को फर्जी लाइसेंस से जुड़ा माना जा रहा है। इन पत्रावलियों में दर्ज असलहे विदेशी हैं। जिनकी खरीद का ब्योरा नहीं है। एसटीएफ ने पत्रावलियां उपलब्ध कराने के लिए डीएम को पत्र भेजा था। फिर खुद भी आयुध कार्यालय में पत्रावलियों को खंगाला लेकिन यह पत्रावलियां नहीं मिल सकी हैं।