प्राइवेट एंबुलेंस के खिलाफ अभियान चलाने वाले स्वास्थ्य विभाग की खुद की एंबुलेंस में खामियां मिलीं तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए। तत्काल एंबुलेंस में आक्सीजन सिलिंडर भरे हुए रखे गए, एंबू बैग समेत मरीज को आक्सीजन लगाने वाली किट लगवाई। एक्सपायर्ड दवाएं बदलवा दी गई हैं।
ताज पर नहीं है चिकित्सकीय टीम बैठने के लिए स्थान
ताजमहल पर किसी पर्यटक की हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग और एडीए की एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। अगर किसी पर्यटक की तबियत खराब हो जाए तो ऐसी एंबुलेंस में मरीज को ले जाना जोखिम भरा है।
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत है कि ताजमहल पर एंबुलेंस के चिकित्सकीय टीम के बैठने के लिए कोई स्थान तय नहीं है। इससे भी और परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एडीए से चिकित्सकीय टीम के बैठने के लिए स्थान मांगा है।
दोनों एंबुलेंस में जो खामियां मिलीं, उनको दुरुस्त करा दिया गया है। एडीए की एंबुलेंस में मिलीं खामियों पर विभाग को पत्र भी लिखा गया है। - डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ
एंबुलेंस में आक्सीजन समेत अन्य कमियां मिली हैं, इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं है। अगर जो भी कमियां हैं, उनको ठीक कराया जाएगा। - पंकज शर्मा, जेई, एडीए